
UID- Pashu Aadhaar
नई दिल्ली। पशुधन का प्रबंधन करने वाले किसानों को कृत्रिम गर्भाधान, उनके उपचार और सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने के मकसद से सरकार ने हाल ही में ई-गोपाला ऐप (e-Gopala app) को लांच किया था। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने पशु आधार नंबर का भी जिक्र किया था। इस ऐप में पशु आधार के जुड़ते ही जानवरों को खरीदना-बेचना आसान हो जाएगा। इससे पशुपालकों और किसानों की आय में बढ़ोत्तरी होगी। पशु आधार में जानवरों की टैंगिंग की जाएगी। अब उन्हें भी एक खास नंबर जारी किया जाएगा। जिससे उनकी पहचान में आसानी होगी।
पशुधन की जानकारी के लिए एक डाटा बनाया जा रहा है। केंद्रीय पशुपालन विभाग के मुताबिक अगले डेढ़ साल में लगभग 50 करोड़ से अधिक मवेशियों को उनके मालिक, उनकी नस्ल एवं उत्पादकता का पता लगाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर यूनिक आईडी (Animal UID-Pashu Aadhaar) दी जाएगी। इस विशेष आईडी में पशुओं का यूनीक नंबर, मालिक की डिटेल, पशु के टीकाकरण की जानकारी और ब्रीडिंग से जुड़ी चीजें शामिल होंगी। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अभी देश में करीब 30 करोड़ से अधिक गाय, भैंस हैं जिनकी जल्द से जल्द टैगिंग होनी है।
क्या है पशु आधार
जिस तरह से व्यक्ति की पहचान के लिए आधार कार्ड बनाए जाते हैं। ठीक वैसे ही पशुओं की पहचान के लिए उनकी टैगिंग की जाएगी। यही उनका आधार होगा। इसके तहत उन्हें एक यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर जारी किया जाएगा। मवेशियों के कान में 8 ग्राम के वजन वाला पीला टैग लगाया जाएगा। इसी टैग पर 12 अंकों का आधार नंबर दिया होगा। शुरुआती दौर में टैगिंग का काम देश भर में मौजूद गाय और भैंसों पर होगा। बाद में इसमें भेड़, बकरी एवं अन्य पशुओं को शामिल किया जाएगा। इस खास नंबर के जरिए पशुपालक घर बैठे पशु के बारे में सॉफ्टवेयर पर सारी जानकारी ले सकेंगे। इसमें जानवरों के टीकाकरण, नस्ल सुधार कार्यक्रम, चिकित्सा सहायता समेत सभी डिटेल्स मौजूद होंगी।
Published on:
12 Sept 2020 01:32 pm
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