
बैंकों की हालत सुधारने के लिए अागे आर्इ सरकार, पीयूष गोयल ने कहा- हम अापके मदद के लिए प्रतिबद्ध
नर्इ दिल्ली। देश के सरकारी बैंकों में लगातार हो हरे घोटाले आैर बढ़ता एनपीए सरकार के लिए एक बड़ा सरदर्द बना हुआ है। प्रभारी केंद्रीय वित्तमंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के 21 बैंकों की मदद के लिए प्रतिबद्ध है। गोयल ने यहां देशभर के बैंकरों के साथ एक बैठक में साख प्रवाह बढ़ाने और बैंकिंग प्रणाली में वैश्विक मानदंड स्थापित करने के तौर-तरीकों पर विचार-विमर्श किया।
बैंकर्स के साथ बैठक के बाद कही ये बात
बैंकर्स के साथ बैठक के बाद प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा, "बैंकरों के साथ आंतरिक विषयों पर विचार-विमर्श हुआ, जिसमें खासतौर से साख प्रवाह बढ़ाने और जोखिम को कम करने के संबंध में चर्चा हुई।" गोयल ने कहा कि बैंक अपनी सेहत में सुधार के मद्देनजर सलाह लेने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीशों या सतर्कता विभाग के अधिकारियों के साथ निगरानी रखने वाली कंपनी पर विचार कर सकता है।
एनपीए से निपटने के लिए उठाया जाए जरूरी कदम
दबाव वाली परिसंपत्तियों (एनपीए) के समाधान में तेजी लाने के लिए क्या परिसंपत्ति पुनर्गठन कंपनी या परिसंत्ति प्रबंधन कंपनी बनाई जाए, इस पर शुक्रवार को बैंकरों की ओर से दिए गए सुझावों के संबंध में दो सप्ताह में सिफारिश करने के लिए पंजाब नेशनल बैंक गैर-कार्यकारी अध्यक्ष सुनील मेहता की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई। गाैरतलब है कि देशभर के सभी बड़े बैंकों पर एनपीए की बोझ से जूझ रहे हैं। ताजा आकंड़ों के मुताबिक बैंकाें पर फिलहाल 8.41 लाख करोड़ रुपए से अधिक का एनपीए हैंं।
चार सराकरी बैंकों का होगा मर्जर
हाल ही में सरकारी ने फैसला लिया है कि एसबीआर्इ के तर्ज पर चार आैर सरकारी बैंकों का मर्जर किया जाएगा। जिन बैंकों का मर्जर होना है उसमें आर्इडीबीआर्इ बैंक, सेंट्रल बैंक, बैंक अाॅफ बड़ौदा आैर आेरिएंटल बैंक आॅफ काॅमर्स हैं। इस मर्जर के बाद देश को दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक मिल जाएगा। ये कदम सरकारी बैंकों की हालत सुधारने आैर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने में सक्षम बनान के उद्देश्य से किया जा रहा है।
Published on:
08 Jun 2018 08:41 pm
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