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PMC बैंक ने HDIL को फंड देने के लिए खोले हजारों डमी खाते, आरबीआई की जांच में हुआ खुलासा

बैंक ने HDIL को दिया 6,500 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज पिछले दस सालों से चल रहा है बैंक घोटाला

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नई दिल्ली। लंबे समय से विवादों में घिरे पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक जॉय थॉमस ने स्वीकार कर लिया है बैंक ने दिवािया हो चुकी कंपनी एचडीआईएल को 6500 करोड़ रुपए से ज्यादा का लोन दिया है। इसके साथ ही एक सूत्र ने जानकारी देते हुए बताया कि बैंक ने दिवालिया कंपनी को फंड दिलाने के लिए हजारों की संख्या में डमी खाते खोल रखे थे और यह फ्रॉड लगभग पिछले दस सालों से चल रहा है।


आरबीआई कर रहा है जांच

बैंक के खिलाफ चल रही जांच में पता चला कि थॉमस और मैनेजमेंट के कुछ लोगों ने मिलकर 4,226 करोड़ रुपए का कर्ज एचडीआईएल कंपनी को दिया है जेकि इस घोटाले का लगभग 73 फीसदी हिस्सा है। फिलहाल अब यह कंपनी दिवालिया हो गई है। बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक ने माना कि HDIL समूह को दिया गया लोन 19 सितंबर 2019 को 6,500 करोड़ रुपए से अधिक था। थॉमस ने पत्र लिखकर यह स्वीकार किया है कि बैंक का कुल एनपीए 60 से 70 फीसदी है। रिजर्व बैंक अभी बैंक के बैलेंस शीट की जांच कर रही है।


बैंक के कारोबार पर लगी पाबंदी

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बैंक की ओर से बांटे गए लोन का सिर्फ एक तिहाई हिस्सा दिवालिया कंपनी को दिया गया है। माना जा रहा है कि बैंक का यह घोटाला साल 2008 से चल रहा है। फिलहाल इस समय रिजर्व बैंक की ओर से इस बैंक के सभी तरह के कारोबार पर पाबंदी लगा दी गई है, जिसके चलते इस बैंक में खाता रखने वाले ग्राहक इस अवधि में 10 हजार रुपए से ज्यादा की निकासी नहीं कर सकते हैं।


चेयरमैन हटाने का भी दिया था सुझाव

आपको बता दें कि पहले कैश निकासी की लिमिट को सिर्फ एक हजार रुपए ही रखा गया था, लेकिन अब इसको बढ़ाकर दस हजार रुपए कर दिया गया है। रिजर्व बैंक पीएमसी के खिलाफ जांच कर रहा है। इसके साथ ही आरबीआई ने पीएमसी बैंक के पूर्व चेयरमैन वरयाम सिंह को पिछले साल ही पद से हटाने का सुझाव दिया था, लेकिन कोई कदम न उठाए जाने की वजह से सिंह अभी तक अपने पद पर बने रहे।


आरबीआई ने किया सस्पेंड

बीते शुक्रवार को थॉमस ने कहा था कि आरबीआई ने लेंडर को रियल एस्टेट कंपनी HDIL को दिया लोन वसूल करने का मौका दिए बिना उसके खिलाफ जल्दबाजी में सख्त कदम उठाया है। थॉमस को आरबीआई ने जांच खत्म होने तक के लिए सस्पेंड कर दिया है।