
चालू वित्त वर्ष में 50 हजार करोड़ रुपये जुटाएंगे पब्लिक सेक्टर बैंक, कर ली है पूरी तैयारी
नई दिल्ली। कोर्इ भी बैंक देश के विकास की तरफ ले जाने में एक अहम भूमिका निभाता है। देश की बढ़ती और घटती अर्थव्यवस्था का एक मुख्य कारण बैंक होते हैं। बैंक न केवल देश की संपत्ति के संरक्षक के रूप में बल्कि देश के संसाधनों के रूप में भी कार्य करते हैं, जो एक राष्ट्र के आर्थिक विकास के लिए आवश्यक हैं। एेसे में भारत में बैंको की बिगड़ी हालत में सुधारने के लिए बैंको ने इस मौजूद वित्त वर्ष पूंजी बाजार से 50,000 करोड़ रुपए जुटाने की योजना बनाई है। जिससे की बैंको की बिगड़ती हालत में सुधार लाया जा सके।
21 में से 13 पब्लिक सेक्टर बैंक पूंजी जुटाएंगे
बैंक पूंजी निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जो कि देश के आर्थिक विकास के लिए आवश्यक है। ऐसे में बैंको की खास्ता हालाता देश के लिए एक बुरी खबर है। नीरव मोदी और विजय माल्या जैसे लोग जो बैंक के कर्ज वापस नही लौटाते हैं। इन्हीं के कारण बैंक अब तक की सबसे बुरे हालात से गुजर रहे हैं। पीटीआई द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक सार्वजनिक क्षेत्र के 21 बैंकों में से 13 ने इक्विटी बाजार के माध्यम से पूंजी जुटाने के लिए अपने बोर्ड या शेयरधारकों की मंजूरी ले ली है।
कौन से बैंक जुटायेगी पूंजी
जिन अन्य बैंकों की पूंजी जुटाने की योजना है उनमें ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, यूको बैंक, कॉरपोरेशन बैंक, देना बैंक, इलाहाबाद बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र शामिल हैं। बैंकों की हर दिन बुरी होती हालत को देखते हुए पिछले साल अक्टूबर में सरकार ने 2.11 लाख करोड़ रुपए के पूंजी निवेश कार्यक्रम की घोषणा की थी। जिसके अनुसार, बैंकों को बाजार पूंजीकरण के लिए 1.35 लाख करोड़ रुपए मिलेंगे। 1.35 लाख करोड़ रुपये में से सरकार ने बैंकों में रिकैप बॉन्ड के जरिए 71,000 करोड़ रुपये पहले ही निवेश कर दिए हैं और शेष राशि इस वित्त वर्ष के दौरान दे दी जाएगी।
Published on:
09 Jul 2018 11:45 am
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