एमपीसी की बैठक में नरम रुख जारी रख सकता है आरबीआई, क्या कहते हैं जानकार

नए वित्त वर्ष की पहली मॉनिटरी पॉलिसी की बैठक 7 अप्रैल को होने जा रही है। जानकारों की मानें तो मौद्रिक समीक्षा बैठक में ब्याज दरों में किसी तरह के बदलाव के मूड में नहीं है।

By: Saurabh Sharma

Published: 29 Mar 2021, 10:43 AM IST

नई दिल्ली। पिछले साल की तरह इस साल भी कोरोना वायरस का खतरा मंडराता हुआ दिखाई दे रहा है। रोज 50 हजार से केस देखने को मिल रहे हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया भी कोरोना केसों पर नजर बनाए हुए है। जानकारों की मानें तो इस बार मॉनिटरी पॉलिसी मीटिंग में ब्याज दरों में फिर से स्थिरता देखने को मिल सकती है। आपको बता दें कि नए वित्त वर्ष की पहली मॉनिटरी पॉलिसी की बैठक 7 अप्रैल को होगी।

यह भी पढ़ेंः- Gold And Silver Price : न्यूयॉर्क में सस्ता हुआ सोना, जानिए भारत में कीमतों पर क्या होगा असर

पिछली बार नहीं हुआ था बदलाव
पिछले महीने 5 फरवरी को मौद्रिक समीक्षा की बैठक हुई थी, जिसमें समिति ने ब्याज दरों में किसी तरह का कोई बदलाव देखने को नहीं मिला। जानकारों की मानें तो इस बार भी रिजर्व बैंक ब्याज दरों में कोई बदलाव ना करने का रुख देखने को मिल सकता है। जानकारों की मानें तो किसी मौद्रिक कार्रवाई के लिए उचित अवसर का इंतजार करेगा, जिससे मुद्रास्फीति पर नियंत्रण के मुख्य लक्ष्य के साथ वृद्धि को प्रोत्साहन के उपाय भी किए जा सकें।

यह भी पढ़ेंः- Petrol Diesel Price Today : फटाफट जानिए होली के दिन पेट्रोल और डीजल की कीमत, कितने हुए दाम

नए प्रतिबंध लागू
एक रिपोर्ट के अनुसार कोविड 19 वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कई राज्यों में नए अंकुश लगाए गए हैं। जिसकी वजह से इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में एक बार फिर से रुकावट देखने को मिल सकती है। वहीं कर्ज में फिर से देखने को मिल रहा है। जानकारों की मानें तो कंज्यूमर इंफ्लेशन में स्थिरता देखने को नहीं मिल रही है। फरवरी, 2020 से अब तक रेपो रेट में 1.15 फीसदी की जबरदस्त कटौती देखने को मिल चुकी है। ऐसे में रिजर्व बैंक संभवत: नीतिगत दरों को यथावत रख सकता है।

Show More
Saurabh Sharma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned