बयान में आगे कहा गया, "इसके अलावा, एसबीआई की हांगकांग शाखा का नीरव मोदी समूह की कंपनियों और/या मेहुल चोकसी समूह की कंपनियों से कोई लेना-देना नहीं है, जिनका नाम पीएनबी घोटाले में सामने आया है। गौरतलब है कि नीरव मोदी द्वारा पंजाब नेशनल बैंक के लगभग साढ़े बारह हजार करोड़ रुपए के घोटाले के बाद से ही कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया गया था कि, नीरव मोदी और उससे जुड़ी कंपनियों के लिए लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) हांगकांग स्थित एसबीआई के नाम पर भी जारी किए गए थे। एलओयू एक ऐसा लेटर है जिसके आधार पर बैंक द्वारा अन्य बैंको को एक तरह से गारंटी पत्र उपलब्ध कराया जाता है जिसके आधा पर विदेशी शाखा कर्ज की पेशकश करता हैं।