
PM Solar Panel Scheme
नई दिल्ली। किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने एवं उनके लिए रोजगार के संसाधन बढ़ाने के मकसद से सरकार कई तरह की स्कीमें चला रही है। इन्हीं में से एक है प्रधानमंत्री सोलर पैनल योजना (PM Solar Panel Scheme) योजना। इसमें किसान कंपनियों को बिजली बेचकर तगड़ा मुनाफा कमा सकते हैं। इतना ही नहीं वे किराए पर अपने खेत को देकर 4 लाख रुपए तक किराया भी पा सकते हैं। तो क्या है ये योजना और कैसे ले सकते हैं इसका लाभ जानें प्रक्रिया।
क्या है पीएम सोलर पैनल योजना
इस योजना में किसान अपने खेत के एक तिहाई हिस्से को सोलर पैनल लगाने के लिए किराए पर दे सकते हैं। इसके बदले निजी कंपनियां उन्हें एक लाख रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से किराया देंगी। इसके लिए एक अनुबंध तैयार किया जाएगा। कांट्रैक्ट के 25 साल पूरे होने के बाद से कंपनी किसान को एक लाख की जगह 4 लाख रुपए प्रति एकड़ किराया अदा करेगी।
योजना के फायदे
1.सोलर पैनल योजना के तहत निजी कंपनियां किसानों को 1 से 4 लाख रुपए तक किराया देंगी।
2.सोलर पैनल इंस्टाल कराने का पूरा खर्च निजी कंपनी उठाएगी। इसके लिए किसान को कोई खर्च नहीं करना होगा।
3.सोलर पैनल जमीन से 3.5 मीटर की ऊंचाई पर लगाए जाएंगे। जिससे किसान बाकी जमीन पर आसानी से खेती कर सकेंगे।
4.एक एकड़ जगह देने पर किसानों को 1000 यूनिट फ्री बिजली मिलेगी। साथ ही जरूरत से ज्यादा बिजली पैदा होने पर वे इसे कंपनी या सरकार को बेच भी सकते हैं।
बिजली बेचकर बढ़ाएं मुनाफा
खेत को सोलर पैनल के लिए किराये पर देने के अलावा किसान बिजली बेचकर भी मुनाफा कमा सकते हैं। इसके लिए वे कुसुम योजना के तहत अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इससे आप खुद से सोलर पैनल लगवाकर उससे पैदा होने वाली बिजली, निजी एवं सरकारी कंपनी को बेच सकते हैं। इस योजना का लाभ सामान्य किसानों के अलावा ऐसे लोग भी ले सकते हैं जिनकी जमीन बंजर या खाली पड़ी हो। एक मेगावाट का सोलर प्लांट लगाने में छह एकड़ जमीन की जरूरत पड़ती है। इससे 13 लाख यूनिट बिजली बनाई जा सकती है।
Published on:
14 Dec 2020 10:52 pm
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