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क्रेडिट स्कोर के अलावा इन बातों से तय होती है आपके पर्सनल लोन की ब्याज दर…

आजकल सभी को लेना पड़ जाता है लोन आपकी फाइनेंशियल हिस्ट्री निश्चित करती है ब्याज दर

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Pragati Vajpai

Apr 08, 2020

personal loan

personal loan

नई दिल्ली: पैसे कितने भी हों हमेशा कम ही लगते हैं लेकिन कई बार सच में ऐसी जरूरतें आ जाती है कि आपको पर्सनल लोन लेना पड़ता है। पर्सनल लोन लेते वक्त इंटरेस्ट रेट बेहद इंपार्टेंट होता है क्योंकि बैंक कर्ज देते समय आपकी न सिर्फ फाइनेंशियल स्टेबिलिटी बल्कि फाइनेंशियल हैबिट्स को ध्यान में रखकर आपका लोन अप्रूव करता है। यानि आपकी इन हरकतों के आधार पर ही लोन की रकम और उस पर लगने वाली ब्याज दर निर्भर करती है। अगर आप सोच रहे हैं कि हम क्रेडिट या सिबिल स्कोर की बात कर रहे हैं तो आप गलत है। सिबिल स्कोर के अलावा भी कई सारी बातें होती है जो आपके लोन की ब्याज दर निर्धारित करने में भूमिका निभाती है। ऐसी ही बातों के बारे में हम आपको बता रहे हैं।

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प्रोफेशन
बैंक लोन देते वक्त लोनलेने वाले का प्रोफेशन जरूर देखती है। लोन लेने वाला व्यक्ति करता क्या है? उसे कितनी सैलरी मिलती है? इससे ब्याज दर निर्धारित की जाती है। आपको मालूम हो कि नॉन सैलरी वाले लोगों के लिए लोन की ब्याज दरें सर्विस वालों से महंगी होती है।

लोन की अवधि-

आपके पर्सनल लोन की ब्याज दर आप कितने समय के लिए और कितना लोन लेना चाहते हैं इससे भी प्रभावित होती है। इसीलिए कोशिश करें कि जितना जरूरी हो उतना ही लोन ले। इससे आपका सिबिल स्कोर भी अच्छा रहेगा और आपको ब्याज भी कम चुकाना होगा।

बैंक ऑफर्स ( bank offers ) - बैंक टाइम-टाइम पर लोन ऑफर्स देते हैं तो अगर आपको लोन लेना हो तो ये ऑफर्स चेक करते रहना भी फायदा दिला सकता है।

क्रेडिट स्कोर ( cibil score )-

इसके बारे में तो सभी जानते हैं। क्रेडिट स्कोर कई खास क्रेडिट प्रोफाइलिंग कंपनियों की तरफ से तय किया जाता है। इसमें यह देखा जाता है कि आपने पहले लोन लिया है या क्रेडिट कार्ड 9 credit card ) आदि का इस्‍तेमाल किस प्रकार किया है। क्रेडिट स्कोर रीपेमेंट हिस्ट्री, क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल, मौजूदा लोन और बिलों के समय पर पेमेंट से पता चलती है।