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करना है इक्विटी में निवेश, तो इन बातों का रखे ख्याल

मौजूदा बाजार देखें तो इक्विटी बाजार में निवेशक बाजार के स्तर को लेकर चिंतित हो सकते हैं क्योंकि एसएंडपी सेंसेक्स एवं निफ्टी अब तक की रिकॉर्ड ऊंचाई पर

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इस बात को सभी जानते हैं कि लालच और डर निवेश के सबसे बड़े दुश्मन होते हैं। इक्विटी बाजार में निवेश भी इनसे अछूता नहीं है क्योंकि यह डर और लालच हमारे ज्ञान एवं अनुशासन पर हावी हो जाते हैं। मौजूदा बाजार परिदृश्य में देखें तो इक्विटी बाजार में निवेशक बाजार के स्तर को लेकर चिंतित हो सकते हैं क्योंकि एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स एवं निफ्टी 50 अब तक की रिकॉर्ड ऊंचाई पर है। आइए जानते हैं कि इक्विटी में कैसे पाए बेहतर रिटर्न। भेड़चाल वाली मानसिकता अधिकांश निवेशक निचले दामों पर खरीदारी और ऊंचे दामों पर बिकवाली करते हैं। निवेशक अमूमन निवेश करते वक्त भेड़चाल में विश्वास कर लेते हैं। इससे बचने का प्रायस करें।


नियमित निवेश भावनाओं को नियंत्रित रखता है

निवेशक प्रतिमाह एक निश्चित राशि का निवेश इक्विटी फंड में करेंं, तो वो सालाना 15.39 फीसदी का रिटर्न प्राप्त कर सकता हैं। इसलिए नियमित निवेश से निवेशक अनुशासित बनते हैं और बाजार के उतार-चढ़ाव से अप्रभावित रहने में मदद मिलती है। निवेशक बाजार से सर्वाधिक रिटर्न प्राप्त करने के लिए दीर्घकाल में सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी/सिप) का उपयोग कर सकते हैं।


बाजार में गिरने पर निवेश को बढ़ाएं

डर और लालच जैसी भावनाएं निवेशकों को चुस्त निर्णय लेने से रोकती हैं। जब बाजार सबसे अधिक ऊंचाई पर होता है तो निवेशकों लालच से वशीभूत होकर ज्यादा निवेश करते हैं। वहीं, जब गिरावट आता है तो तेजी से पैसा निकालने लगते हैं। ऐसा करने से हमेशा बचें। सही मायने में, बाजार में गिरावट निवेशकों को निवेश करने का अच्छा अवसर प्रदान करता है।


बाजार में गिरने पर निवेश को बढ़ाएं

बढ़ते बाजार में लालच के चलते एक बार में निवेश करना या डर के कारण निवेश नहीं करना मूर्खता से भरा कदम हो सकता है। इसकी जगह इस स्थिति में सिप एक आदर्श विकल्प हो सकता है। उदाहरण के लिए, एक निवेशक ने सिप के माध्यम से एक इक्विटी म्यूचुअल फंड में 2003-2007 के अपट्रेंड में निवेश किया और उसने यह निवेश जुलाई 2017 तक बरकरार रखा। सिप के जरिए उसके निवेश ने उसे सालाना 15.79 प्रतिशत का रिटर्न दिया जबकि प्वाइंट टु प्वाइंट रिटर्न 8.3% रहा।