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कोरोना संकट के बीच मेडिकल कॉलेज में धूल फांक रहीं 67 वेंटिलेटर

— इस समय अस्पतालों में वेंटिलेटर की बहुज आवश्यकता है लेकिन मेडिकल कॉलेज में पिछले वर्ष भी वेंटिलेटर इसी तरह रखे हुए थे।

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मेडिकल कॉलेज में धूल फांक रहे वेंटिलेटर

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
फिरोजाबाद। कोरोना महामारी में जहां स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मरीज इधर—उधर भटक रहे हैं। अस्पतालों में वेंटिलेटर की कमी चल रही हैं। वहीं दूसरी ओर फिरोजाबाद के मेडिकल कॉलेज में वेंटिलेटर धूल फांक रहे हैं। इनका प्रयोग स्वास्थ्य विभाग अभी तक नहीं कर सका है।
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67 नए वेंटिलेटर हैं
मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड परिसर में 67 नए वेंटीलेटर आज भी धूल फांक रहे हैं। पिछले वर्ष भी वेंटीलेटर इसी तरह रखे नजर आए थे जबकि यूपी के कई अस्पतालों में वेटिलेटर की काफी कमी चल रही है। इस मामले को लेकर सीएमएस डॉक्टर आलोक शर्मा का कहना है कि हमें जितने वेंटिलेटर की जरूरत थी उनका इस्तेमाल किया जा रहा है। शेष रखे वेंटिलेटर एक्स्ट्रा हैं इन्हें वापस मंगाने के लिए हमने शासन को भी लिखा है। जहां जरूरत होती है यहां से भेज दिए जाते हैं। आइसोलेशन वार्ड में भी जिन मरीजों को वेंटिलेटर की जरूरत होती है। वहां दिया जाता है। इस समय कोविड 19 आइसोलेशन वार्ड में 172 बेड हैं और 152 मरीज हैं। पिछले वर्ष 114 वेंटिलेटर मंगाए गए थे, इनमें से 67 शेष बचे हैं।