
फिरोजाबाद। इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ की स्थापना पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किए जाने को लेकर अधिवक्ता लामबंद हो गए हैं। बार एसोसिएशन द्वारा जुलूस निकाल प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन राज्यपाल के नाम सौंपा गया। साथ ही जस्टिस जसवंत सिंह की रिपोर्ट लागू करने की मांग की गई। इस दौरान अधिवक्ताओं ने न चाहिए ताज, न फोर्ट हमें चाहिए हाई कोर्ट की आवाज को बुलंद किया।
वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच की मांग
बार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष शंकर लाल निषाद व महासचिव नाहर सिंह यादव एडवोकेट ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की खंडपीठ की स्थापना की मांग जनता, वादकारी, मजदूर, किसान, व्यापारी एवं अधिवक्ताओं द्वारा बहुल पहले से की जा रही है। भारत सरकार ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बेंच के गठन की मांग से सैद्धांतिक रूप से सहमत होते हुए वर्ष 1980 में जस्टिस जसवंत सिंह आयोग का गठन किया था। जस्टिस जसवंत सिंह आयोग ने भारत सरकार को अपनी आख्या वर्ष 1984 में प्रस्तुत कर दी थी।
1984 से हो रहा है आंदोलन
वर्ष 1984 के बाद से पश्चिमी यूपी के वादकारियों एवं अधिवक्ताओं द्वारा आंदोलन किया जा रहा है। इन आंदोलनों से न्यायिक प्रक्रिया, जनमानस एवं जनजीवन में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। इसके अलावा प्रदेश के पिछली सरकारों द्वारा वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट खंडपीठ की स्थापना के लिए कई बार प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास भेजे जा चुके हैं। लेकिन आज तक खण्डपीठ की स्थापना नहीं हुई।
जनता को राहत दिलवाने की मांग
अधिवक्ताओं ने वेस्ट यूपी में इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ की स्थापना करने के लिए प्रभावी कार्यवाही करने की मांग की। जिससे जनता को सस्ता व सुलभ न्याय मिल सके। इस मौके पर अधिवक्ताओं ने जस्टिस जसवंत सिंह की रिपोर्ट लागू करों, नहीं चाहिए ताज और फोर्ट हमको चाहिए बैंच हाईकोर्ट के नारे लगाए। ज्ञापन देने में संतोष कुशवाह, राहुल पाराशर, छत्रपाल सिंह बाबा, आशीष यादव, उमेश गुर्जर, चन्द्रवीर सिंह, आरपी शर्मा, अनिल यादव, ओपी बघेल, घनश्याम जादौन, धीरज, अरविंद बघेल, निर्देश कुमार, धर्मेंद्र पाल सिंह जादौन, रामनिवास मिश्र, गजेंद्र सिंह एडवोकेट मौजूद रहे।
Published on:
21 Jan 2018 03:43 pm

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