19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सुहागनगरी में कांच उद्योग शुरू करने के लिए पूरे करने होंगे यह मानक, तभी घूम सकेगा उत्पादन का पहिया

— फिरोजाबाद के बंद कारखानों को शुरू करने का कवायद तेज हो गई है, उद्यमी व्यवस्थाएं करने में जुट गए हैं।

2 min read
Google source verification
Factory

Factory

फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश का फिरोजाबाद कांच उद्योग के लिए प्रसिद्ध है। यहां की बनी चूड़ियां देश—विदेश में पहुंचती हैं। सुहाग की निशानी चूड़ियों की वजह से ही इस शहर को सुहागनगरी के नाम से भी जाना जाता है। कांच उद्योग को शुरू करने के लिए कुछ मानकों को भी पूरा करना होगा। प्रथम चरण में शहर के ऑटोमेटिक कांच कारखानों को चालू कराया जाएगा। इसके लिए उद्यमियों को प्रशासन की शर्तें माननी पड़ेगी तभी उन्हें फैक्ट्री में उत्पादन शुरू करने की परमिशन मिल सकेगी।

बंद पड़े हैं कारखाने
कोरोना लॉक डाउन के चलते 40 दिन से फिरोजाबाद में चूड़ी कांच के 200 कारखाने बंद चल रहे हैं। इसे लेकर उद्यमी संगठन पिछले दिनों से बंद चल रही औद्योगिक इकाइयों को चालू कराने की मांग प्रशासन से कर रहे थे। इधर हाल ही में मुख्य सचिव द्वारा औद्योगिक गतिविधियों को आवश्यक शर्तों के साथ चालू कराने को लेकर जैसा निर्देश जारी किए गए हैं। शासन के दिशा निर्देश मिलते ही प्रशासन ने भी इस पर गंभीरता से विचार शुरू कर दिया।

ऑटोमेटिक ग्लास इंडस्ट्रीज होंगी शुरू
जिला प्रशासन ने प्रथम चरण में ऑटोमेटिक ग्लास इंडस्ट्रीज को चालू कराने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में उपायुक्त उद्योग ने उद्यमी संगठनों को पत्र भेजकर इकाइयों से आवेदन मांगे हैं। उन्होंने इकाइयों के पास प्रशासन द्वारा निर्धारित की गई शर्तों की सूची भी भेजी है। उद्योग के उपायुक्त अमरेश कुमार पांडे ने बताया कि जो इकाइयां कोरोना से बचाव के लिए निर्धारित की गई शर्तों का अनुपालन किए जाने पर अपनी लिखित सहमति देंगी। उन्हीं उद्योगों को चालू कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा अनुमति प्रदान की जाएगी।

उद्यमियों को माननी होंगी प्रशासन की ये शर्तें

- इकाई में काम करने वाले कर्मचारियों का कोरोना से बचाव के लिए समुचित इंतजाम करने होंगे।

- कर्मचारी के इकाई में प्रवेश करने और बाहर जाते समय उसकी थर्मल स्क्रीनिंग करानी होगी।

- यदि कोई कर्मचारी संदिग्ध प्रतीत होता है तो उसकी सूचना तत्काल स्वास्थ्य विभाग को देनी होगी।

- इकाई द्वारा न्यूनतम श्रमिकों के साथ 12 घंटे की दो शिफ्ट में कार्य कराया जाएगा।

- कार्यस्थल पर शिफ्ट के मध्य उचित समय आमतौर पर भोजन अवकाश कर्मचारियों को दिया जाएगा।

- कर्मचारियों को स्वयं अपना भोजन लाने के लिए कहा जाएगा।

- इकाई परिसर में कर्मचारियों के लिए पीने का गरम पानी की व्यवस्था इकाई को करनी होगी।

- इकाई द्वारा दूर से आने वाले श्रमिकों के लिए पिकअप एवं ड्रॉप की व्यवस्था इकाई द्वारा की जाएगी।

- इकाई में श्रमिकों के मध्य डेढ़ मीटर की दूरी रखना आवश्यक होगा।

- कर्मचारियों के कोरोना से बचाव के लिए इकाई द्वारा उन्हें मास्क और सेनेटाइजर उपलब्ध कराने होंगे।

- इकाई में कार्यस्थल का नियमित रूप से सेनेटाइजेशन कराना होगा।