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… जब बाहुबलि की बेटी और भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष का हुआ आमना-सामना

किसान इंटर काॅलेज ऐलई की प्रबंध समिति को लेकर दोनों के बीच विवाद गहरा गया है।कई थानों का फोर्स और तहसील प्रशासन पहुंचा मौके पर पहुंचे।

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Rupali Dixit

फिरोजाबाद। नगला सिंघी थाना क्षेत्र के किसान इंटर काॅलेज ऐलई में प्रबंध समिति के चुनाव को लेकर विवाद गहरा गया। बाहुबली अशोक दीक्षित की बेटी रूपाली दीक्षित और भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डाॅ. लक्ष्मी नरायन यादव आमने-सामने आ गए। मौके पर कई थानों का फोर्स पहुंच गया। विवाद की स्थिति को देखते हुए तहसील प्रशासन ने चुनाव कराने से इंकार कर दिया। डीएम नेहा शर्मा के निर्देश पर तहसीलदार ने दोनों पक्षों को समझा बुझाकर वापस कर दिया।

प्रबंध समिति को लेकर था विवाद

बाहुबली अशोक यादव की पुत्री रूपाली दीक्षित रविवार को किसान इंटर काॅलेज में प्रबंध समिति के सदस्यों का चुनाव कराने के लिए पहुंचीं। तभी जानकारी होने पर दूसरे पक्ष के भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष लक्ष्मी नरायन यादव भी मौके पर आ गए। दोनों पक्षों के बीच पुरानी अदावत जग जाहिर है। दोनों पक्षों का आमना सामना होते ही विवाद की स्थिति बन गई।

मौके पर पहुंची पुलिस

दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न होते देख थाना प्रभारी टूंडला भानु प्रताप सिंह कई थानों का फोर्स लेकर मौके पर आ गए। जहां पुलिस ने काॅलेज का ताला नहीं खुलने दिया। तहसीलदार राजेश कुमार वर्मा भी मौके पर पहुंच गए। प्रशासन ने डीआईओएस को मामले से अवगत कराया लेकिन डीआईओएस अवकाश पर होने के कारण मौके पर नहीं पहुंचे।

75 वर्ष से हैं कमेटी के सदस्य

इस मामले में रूपाली दीक्षित का कहना है कि 75 वर्ष से हम कमेटी के सदस्य हैं। हमारे द्वारा काॅलेज की बाउंड्रीवाल बनवाई गई। किसान शिक्षा समिति ऐलई हमारी रजिस्टर्ड संस्था है। वर्ष 2012 में सपा सरकार बनने के बाद उप निबंधन आगरा ने हमारी कमेटी को भंग कर दिया था। उसके बाद गलत तरीके से सुधीर उपाध्याय प्रबंधक बन गए। हमारे पास वर्ष 2020 तक की कमेटी के कागजात हैं। वहीं दूसरे पक्ष के डाॅ. लक्ष्मी नरायन यादव का कहना है कि इस काॅलेज में निषाद और ब्राहमण समाज के लोगों का योगदान रहा है। पूर्व में रघुवीर उपाध्याय इस काॅलेज के प्रबंधक थे। उसके बाद अशोक दीक्षित गलत तरीके से कमेटी के अध्यक्ष बन गए। जिसे उप निबंधन कार्यालय द्वारा निरस्त कर दिया गया था।

हाईकोर्ट में विचाराधीन है मामला

कमेटी को लेकर मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। दोनों पक्षों की बातें सुनने के बाद तहसीलदार राजेश कुमार वर्मा ने डीएम नेहा शर्मा को मामले से अवगत कराया। डीएम ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं। तहसीलदार का कहना है कि दोनों पक्षों को समझा बुझाकर वापस भेज दिया गया है। डीएम के निर्देश के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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