20 अप्रैल 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ब्राह्मण समाज ने फूंका मेयर नूतन राठौर का पुतला, अनदेखी का आरोप

महापौर नूतन राठौर द्वारा ब्राह्मण समाज की अनदेखी किए जाने के विरोध में कई जगहों पर महापौर का पुतला फूंकने के साथ ही मुर्दाबाद के नारे लगाए गए।

2 min read
Google source verification
Brahmin Community

फिरोजाबाद। नगर निगम की महापौर नूतन राठौर द्वारा ब्राह्मण समाज की अनदेखी किए जाने के विरोध में मंगलवार को नगर में कोटला चुंगी चैराहे सहित कई जगहों पर महापौर का पुतला फूंकने के साथ साथ महापौर मुर्दाबाद के भी नारे लगाए गए। इस दौरान ब्राह्मण समाज के लोगों ने महापौर पर बदले की भावना से कार्य करने का आरोप लगाया। शहर के विभिन्न स्थानों पर ब्राह्मण समाज के लोगों ने महापौर के विरोध में आवाज बुलंद की।


ये है पूरा मामला

नगर निगम में मेयर को ज्ञापन देने पहुंचे ब्राह्मण महासंघ के पदाधिकारी उस समय गुस्सा हो गए, जब मेयर ने आने में असमर्थता जताते हुए अपर आयुक्त को ज्ञापन सौंपने के लिए कहा। समाज के लोगों ने यहां तक कह दिया कि जनता ने आपको चुना है, ऐसे में अधिकारियों को ज्ञापन क्यो दें। अफसरों से क्या बात करें ? इस दौरान मेयर से फोन पर कुछ लोगों की हॉट-टॉक भी हो गई। ब्राह्मण समाज के लोग बगैर ज्ञापन दिए यहां से वापस लौट गए तथा निगम में मेयर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी।


परशुराम द्वार के लिए ज्ञापन देने गए थे

महर्षि परशुराम द्वार के संबंध में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासंघ के बैनर तले ब्राह्मण समाज के लोग सोमवार को ज्ञापन देने के लिए निगम पहुंचे थे। यहां पर महापौर नहीं थीं। ऐसे में लोगों ने मेयर को फोन किया तो मेयर ने कहा कि अपर नगर आयुक्त को ज्ञापन दे दें। इस पर ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि समाज ने उन्हें मेयर चुना है ऐसे में ज्ञापन लेने के लिए उन्हें ही आना होगा। समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि मेयर के चलते परशुराम द्वार का निर्माण अधर में लटका हुआ है। इस द्वार को विज्ञापन एवं पोस्टर का केंद्र बना दिया गया है।


कई स्थानों पर जलाए पुतले

ब्राहमण समाज के लोगों ने शहर के विभिन्न स्थानों पर मेयर नूतन राठौर का पुतला दहन किया। सवर्ण संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर उपाध्याय ने कहा कि महापौर ने ब्राह्मण समाज के लोगों को अपमानित किया है। इसलिए समाज का कोई भी व्यक्ति अब उनके पास नहीं जाएगा। जब तक मेयर अपनी गलती के लिए माफी नहीं मांगतीं तब तक समाज आंदोलनरत रहेगा। वहीं समाज परशुराम द्वार का निर्माण कार्य पूरा कराने के बाद ही दम लेगा।