
CAA
फिरोजाबाद। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर फिरोजाबाद में हुए उपद्रव और बवाल के एक माह बाद भी दहशत भरा माहौल है। पुलिस की कार्यप्रणाली सुस्त है ऐसे में आस—पास के लोगों में भी बेचैनी है। एक माह बाद भी पुलिस की कार्यप्रणाली में तेजी नहीं आ सकी है। नतीजन, थानों के रजिस्टरों में भले ही सैकड़ों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई हो लेकिन पुलिस ने चंद लोगों की गिरफ्तारी कर अपने कार्य की इतिश्री कर ली लेकिन हकीकत इसके वितरीत रही। जिन लोगों ने दंगा भड़काया वह भी आज खुले आम घूम रहे हैं। इस बवाल में सात लोगों की मौत हो गई थी।
हुई थी आगजनी
20 दिसंबर, 2019 का दिन फिरोजाबाद के इतिहास में काला दिन के रूप में जाना जाएगा। सीएए को लेकर उपद्रवियों ने जमकर उत्पात मचाया था। वाहनों में आग लगाई थी। पथराव के बाद फायरिंग की थी, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे जबकि सात लोगों की मौत भी हुई थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। आनन—फानन में पुलिस ने उपद्रवियों की पहचान कराते हुए उनके फोटो सोशल मीडिया पर वायरल किए थे लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी पुलिस उपद्रवियों की गिरफ्तारी नहीं कर सकी है। पुलिस ने आधा दर्जन उपद्रवियों को जेल भेजकर संतुष्टि कर ली। इस मामले में एसएसपी सचिन्द्र पटेल का कहना है कि कार्रवाई अभी जारी है। पुलिस को उपद्रवियों की तलाश है। जैसे ही उपद्रवी पुलिस के हाथ लगेंगे, उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इन लोगों की हुई थी मौत
उपद्रव और बवाल में राशिद पुत्र नूर मोहम्मद निवासी कश्मीरी गेट, अरमान पुत्र यामीन निवासी रहमतनगर थाना रसूलपुर, शफीक मोहम्मद पुत्र अब्दुल रशीद निवासी मसरूरगंज रसूलपुर, अबरार पुत्र एजाज उर्फ पप्पू निवासी मसरूरगंज रसूलपुर, नबीजान पुत्र मोहम्मद अयूब निवासी मोहल्ला गंज थाना दक्षिण, मुकीम पुत्र मुबीन निवासी नगला कोठी थाना रामगढ़, मोहम्मद हारुन पुत्र मोहम्मद मसरुफ निवासी नगला मुल्ला थाना मटसेना की मौत हुई थी।
Published on:
21 Jan 2020 06:14 pm
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