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पत्रिका न्यूज नेटवर्क
फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में जितनी तेजी से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। उतनी ही तेजी से मौत भी हो रही हैं। शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए शमशान घाटों पर संख्या बढ़ने लगी है। जनवरी, फरवरी और मार्च माह से भी अधिक शव अप्रैल माह के अंदर शमशान घाट पर पहुंचे हैं। अभी भी नहीं सुधरे तो हालात और भी बदतर हो सकते हैं।
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कोरोना काल में लगातार हालात बिगड़ते जा रहे हैं। मरने वालों की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है। शहर के छारबाग स्थित स्वर्गाश्रम और जलेसर रोड स्थित शमशान घाट में लगातार शव पहुंच रहे हैं। इनमें कोरोना और बीमारी से मरने वाले भी शामिल हैं। प्रशासन के लाख प्रयासों के बाद भी हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। फिरोजाबाद में तीन माह बाद हालात बदतर हो रहे हैं। जनवरी, फरवरी, मार्च से भी ज्यादा अप्रैल में मौत हुई हैं। जहां जनवरी में 53, फरवरी में 52, मार्च में 48 और अप्रैल में 96 हुए अंतिम संस्कार कराए गए हैं। शहर में लगातार बढ़ रही मरने वालों की संख्या से शहरवासियों चिंतित हैं। इस वर्ष ही नहीं बल्कि पिछले वर्ष भी मरने वालों की संख्या में इजाफा हुआ था। इस बार भी हालात बदतर होते जा रहे हैं।
Published on:
29 Apr 2021 03:17 pm
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