
फिरोजाबाद। धनतेरस के साथ ही दीपावली के त्यौहार की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। मंगलवार को धन तेरस के पर्व पर सराफा बाजार मंदी की मार झेलता नजर आया। पहले नोट बंदी से लोग परेशान हुए थे और अब जीएसटी लगने के बाद सराफा कारोबार काफी प्रभावित हुआ है। स्वर्ण विक्रेता ग्राहकों के आवागमन की उम्मीद लगाए बैठे थे लेकिन शाम तक सराफा बाजार में रौनक नहीं लौट सकी। कारोबारियों को त्यौहार पर मायूसी का सामना करना पड़ा।
पहले रहती थी खरीददारों की भीड़
सराफा एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी प्रवीन पाठक बताते हैं कि दो साल पहले तक धनतेरस के दिन सोने-चांदी के आभूषण खरीदने वालों की भीड़ लगी रहती थी लेकिन नोटबंदी और जीएसटी लगने के बाद कारोबार बुरी तरह ठप हो गया। मंगलवार को धनतेरस के साथ ही दीपावली का पर्व शुरू हो गया लेकिन सराफा बाजार बेजार पड़ा है। जहां खरीददारी करने वाला दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहा है।
ऐसा ही रहा तो खाने के पड़ जाएंगे लाले
स्वर्णकार राजू उपाध्याय बताते हैं कि बाजार में अब सोना चांदी के आभूषण खरीदने के लिए महिलाएं कम आ रही हैं। जबकि आर्टिफिशियल ज्वैलरी की डिमांड बाजार में बढ़ी है। इसकी वजह यह मानी जा रही है कि लोगों के पास धन का अभाव है। जीएसटी लगने का असर कहीं न कहीं व्यापार से लेकर खेत खलिहान पर भी पड़ा है। किसानों को उनकी फसल का सही मुआवजा नहीं मिला। जिसकी वजह से सराफा कारोबार बूम नहीं पकड़ा सका है। फिरोजाबाद जिले का बाजार किसानों से ही चलता है। यहां किसान ही परेशान है तो बाजार कहां से उठेगा।
ग्राहक न होने से सूनी पड़ी रहीं दुकानें
सोने-चांदी की दुकानों पर ग्राहकों की आवक न होने के कारण स्वर्णकार भी सुस्ताते नजर आए। कुछ तो दुकान खाली छोड़कर इधर-उधर बतियाते नजर आए। इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ। धनतेरस के दिन दुकानों पर बात करने तक का दुकानदार के पास समय नहीं होता था। इस समय केवल बर्तन और कपड़े के अलावा परचून की दुकान पर ही भीड़ लगी है। बाकी बाजार में सन्नाटा पसरा है।
Published on:
18 Oct 2017 08:44 am
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