हड़ताल पर बैठे लेखपालों के विरूद्ध डीएम का बड़ा एक्शन, उठाया ये कदम

हड़ताल पर बैठे लेखपालों के विरूद्ध डीएम का बड़ा एक्शन, उठाया ये कदम

Amit Sharma | Publish: Jul, 13 2018 03:13:11 PM (IST) | Updated: Jul, 13 2018 03:13:12 PM (IST) Firozabad, Uttar Pradesh, India

टूंडला के 27 लेखपालों समेत 31 लेखपालों के विरूद्ध मुकदमा दर्ज, सेवा समाप्ति के लिए 103 को भेजे गए नोटिस, मच गई खलबली।

 

फिरोजाबाद। योगी सरकार एक्शन में है। लेखपालों ने अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर जैसे ही धरना प्रदर्शन शुरू किया था योगी सरकार ने एस्मा लगा दिया। इसके बाद भी लेखपाल अपनी मांग पर अड़े रहे। कई बार उन्हें हड़ताल से वापस आने की चेतावनी दी गई लेकिन वह टस से मस नहीं हुए। मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे लेखपालों के विरूद्ध डीएम नेहा शर्मा ने मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं काम पर वापस न लौटने वालों की सेवा समाप्ति के लिए नोटिस जारी किए हैं।

तीन तहसीलों के लेखपालों पर हुई कार्रवाई

हड़ताली लेखपालों पर प्रशासन ने अब एफआइआर की कार्रवाई शुरू कर दी है। शासन के आदेश पर एसेंशियल सर्विस मेंटीनेंस एक्ट (एस्मा) के तहत तीन तहसीलों 31 लेखपालों पर रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। इनमें लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष और मंत्री शामिल हैं। वहीं अब तक 103 लेखपालों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।

तीन जुलाई से बैठे हैं धरने पर

वेतन और भत्तों में वृद्धि समेत आठ मांगों को लेकर लेखपाल तीन जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इससे तहसीलों का कामकाज ठप हो गया है। आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र भी नहीं बन पा रहे हैं। सरकार ने हड़ताल वापस न लेने पर लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश पहले ही दे दिए थे, लेकिन प्रशासन बातचीत के जरिए हड़ताल खुलवाने का प्रयास कर रहा था। सख्त कदम भी धीरे धीरे उठाए गए। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिला व तहसीलस्तरीय पदाधिकारियों को नोटिस जारी कर एफआइआर की चेतावनी दी गई।

नए लेखपालों को बर्खास्त करने को उठाया कदम

वहीं नए लेखपालों को बर्खास्त करने का नोटिस दिया गया। इसके बाद भी हड़ताल खत्म न होने पर प्रशासन ने गुरुवार को कड़ा निर्णय लिया। फीरोजाबाद तहसील के अध्यक्ष अर¨वद कुमार और मंत्री अवधेश कुमार के खिलाफ तहसीलदार प्रसून कश्यप ने थाना दक्षिण में रिपोर्ट दर्ज कराई। जसराना में भी दो लेखपालों पर एफआइआर हुई। वहीं टूंडला के सभी 27 लेखपालों पर रिपोर्ट कराई गई। प्रशासन का यह भी कहना है कि हड़ताल से वापसी के आह्वान पर चार लेखपालों ने हड़ताल आंशिक रूप से वापस ले ली है।

झुकेंगे नहीं करेंगे आंदोलन

इधर लेखपाल संघ का जिला मुख्यालय पर धरना जारी है। पदाधिकारियों ने कहा कि शासन प्रशासन चाहे जितनी सख्ती कर ले। हम न डरेंगे न झुकेंगे। मीडिया प्रभारी विवेक यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार तानाशाह जैसा रवैया अपना रही है। सुखदेव एवं अन्य लेखपालों ने कहा अब चाहें जेल जाना पड़े, लेकिन हम अपनी मांगें पूरी करा कर ही रहेंगे। कई अन्य संगठनों ने भी समर्थन जताया है।

अब तक ये उठाया ये कदम

लेखपालों के मामले को लेकर तीन जुलाई को लेखपाल हडताल पर गए। नौ जुलाई को उन्हें हडताल से वापस आने के लिए कहा गया। 10 जुलाई को रिमाइंडर दिया गया। फिर भी लेखपाल वापस नहीं लौटे। 11 जुलाई को मूल, निवास, जाति प्रमाण पत्र पर रिपोर्ट लगाने के लिए संग्रह अमीन और ग्राम पंचायत सचिवों को अधिग्रहित किया गया। 12 जून को लेखपालों के विरूद्ध मुकदमा दर्ज करा दिया गया। बाकी को सेवा समाप्ति के लिए नोटिस जारी किए गए।

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