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यमुना में बढ़े जल स्तर ने बदल दी ग्रामीणों की जिंदगी, इस तरह कर रहे रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा

- ट्यूब के सहारे जान जोखिम में डालकर कर रहे पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था, गांव की दहलीज पर पहुंचा यमुना का जल स्तर।

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Yamuna River

यमुना के बढ़े जल स्तर के बीच ट्यूब पर हरा चारा रखकर ले जाती महिला

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
फिरोजाबाद। यमुना के बढ़े जल स्तर ने यमुना किनारे बसे ग्रामीणों की जिंदगी को बदलकर रख दिया है। रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए ग्रामीण जान की बाजी दाव पर लगा रहे हैं। ऐसा वह किसी शौक को पूरा करने के लिए नहीं बल्कि जरूरत होने पर करते हैं। अभी यमुना उफान पर है और गांव की दहलीज तक पहुंच गई है।
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ट्यूब से ला रहे पशुओं के लिए चारा
यमुना का जल स्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने जहां नावों पर प्रतिबंध लगाते हुए बाढ़ चौकियां स्थापित कर दी हैं। लोगों से लगातार यमुना से दूर रहने के लिए कहा जा रहा है। इसके बाद भी यह फोटो आपको सोचने को विवश कर देगा कि आखिर अपनी जान जोखिम में डालकर लोग क्यों यमुना के तेज बहाव में जा रहे हैं। थाना नगला सिंघी क्षेत्र के गांव रसूलाबाद में पशुओं के लिए हरा चारा लाने के लिए ग्रामीण यमुना के तेज बहाव के बीच ट्यूब डालकर आवागमन कर रहे हैं।
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यह बोले ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि निचले हिस्से पूरी तरह डूब गए हैं। ऐसे में उनकी फसल भी खराब हो गई है। ऐसे में पशुओं के लिए चारा लाने की बड़ी चुनौती उनके सामने है। पशुओं का चारा लाने के लिए वह यमुना के तेज बहाव में भी आवागमन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि यमुना का तेज बहाव अब गांव तक पहुंच गया है। रामगढ़, नगला काले समेत आस—पास गांव के ग्रामीण बढ़ते जल स्तर को लेकर चिंतित हैं। एसडीएम डॉ. बुशरा बानो का कहना है कि बढ़े जल स्तर पर प्रशासन लगातार निगाह रख रहा है। बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। ग्रामीणों से अपील की है कि वह इस तेज बहाव में यमुना किनारे न जाएं।