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फर्जी डिग्री घोटाला: SOG ने JS यूनिवर्सिटी के चांसलर, रजिस्ट्रार और दलाल को किया गिरफ्तार

JS University, Firozabad: SOG ने JS यूनिवर्सिटी के फर्जी डिग्री घोटाले का खुलासा कर चांसलर, रजिस्ट्रार और दलाल को गिरफ्तार किया। 245 अभ्यर्थी फर्जी डिग्री से PTI बने, कार्रवाई जारी।

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Firozabad

Firozabad JS University: स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में स्थित JS यूनिवर्सिटी से जुड़े फर्जी डिग्री घोटाले का पर्दाफाश किया है। इस घोटाले में चांसलर, रजिस्ट्रार और दलाल को गिरफ्तार किया गया है, जो बैक डेट में फर्जी डिग्रियां जारी कर अभ्यर्थियों से लाखों रुपये की वसूली कर रहे थे।

245 अभ्यर्थी फर्जी डिग्री लेकर बने पीटीआई

JS यूनिवर्सिटी के इस फर्जीवाड़े से 245 अभ्यर्थी फर्जी डिग्री के आधार पर PTI (फिजिकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर) बन चुके थे। आरोपियों ने अभ्यर्थियों को घर बैठे बैक डेट में डिग्री उपलब्ध कराई, जिससे वे सरकारी नौकरियों में भर्ती हो गए। यह मामला सामने आने के बाद संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया है।

विदेश भागने की फिराक में था सुकेश, दिल्ली एयरपोर्ट से हुआ गिरफ्तार

JS यूनिवर्सिटी के संचालक सुकेश कुमार को SOG ने दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि उसे पहले ही पुलिस कार्रवाई की भनक लग गई थी और वह विदेश भागने की फिराक में था, लेकिन SOG ने ऐन मौके पर उसे दबोच लिया।

ओपीजेएस यूनिवर्सिटी से भी जुड़ा दलाल अजय भारद्वाज

इस घोटाले का मास्टरमाइंड दलाल अजय भारद्वाज पहले भी कई यूनिवर्सिटी से जुड़े फर्जी डिग्री घोटाले में संलिप्त रहा है। वह ओपीजेएस यूनिवर्सिटी से हजारों छात्रों को बैक डेट में फर्जी डिग्रियां दिलवा चुका है। इसके अलावा, वह पेपर माफिया भूपेंद्र सारण के साथ मिलकर भी डिग्री घोटाले में शामिल रहा है।

नई यूनिवर्सिटी खोलने की थी साजिश

गिरफ्तार आरोपी एकलव्य ट्राइबल यूनिवर्सिटी (पूर्व सुधासागर विश्वविद्यालय), डूंगरपुर और अनंत इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, मेघालय नाम से नई यूनिवर्सिटियां स्थापित करने की योजना बना रहे थे, ताकि फर्जी डिग्री का कारोबार और विस्तार किया जा सके।

क्या है आगे की कार्रवाई?

SOG की टीम अब इस घोटाले से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। इसके साथ ही, उन 245 अभ्यर्थियों की जांच भी की जा रही है, जिन्होंने फर्जी डिग्री के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल की है। यदि दोषी पाए गए, तो उनकी डिग्री रद्द करने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी हो रही है।

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फर्जी डिग्री घोटाले का यह मामला बताता है कि शिक्षा के नाम पर किस तरह संगठित रैकेट युवाओं और सरकारी व्यवस्था को ठगने का काम कर रहे हैं। SOG की इस कार्रवाई के बाद कई और नामों के खुलासे की उम्मीद की जा रही है।