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30 सालों में अभी तक यह नहीं मिला फिरोजाबाद को, आज भी है इंतजार

— ट्रांसपोर्ट नगर, ग्लास एक्सपो मार्ट और बस स्टैंड को डिपो की है आज भी है दरकार।

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jain mandir

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फिरोजाबाद। भले ही फिरोजाबाद को जिला बने 30 साल हो गए लेकिन कुछ चीजों को लेकर आज भी इस शहर के लोगों को इंतजार है। चन्द्रनगर से फिरोजाबाद बने इस शहर में आज भी मूलभूत समस्याओं को लेकर शहरवासी परेशान हैं। कांचनगरी को जनपद का दर्जा मिले आज 30 साल पूरे हो गए। इन सालों में जनपद ने खुद को काफी आगे बढ़ाया है। हाल के सालों में मेडिकल कॉलेज, जेड़ा झाल परियोजना के तहत गंगाजल और नगर निगम बनने जैसी उपलब्धि शहर ने हासिल की है। और विकास को पंख लगे हैं। हालांकि ट्रांसपोर्ट नगर, ग्लास एक्सपो मार्ट और बस स्टैंड को डिपो बनाने जैसी उम्मीदें बाकी रह गई हैं।

यह देखा था सपना
आम जनमानस ने फिरोजाबाद के जिला बनने पर जनपद के विकास के साथ समस्याओं से निजात मिलने का सपना देखा था जो कि अभी तक पूरा नहीं हो सका है। विकास के अनेक लक्ष्य अभी भी अधूरे बने हुए हैं। आम जनता बिजली, पानी, स्वास्थ्य जैसी अनेक मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है। आम जन की अपेक्षाएं अभी तक पूरी नहीं हो सकी हैं। ऐसा भी नहीं कि बीते तीन दशक में जनपद फिरोजाबाद का विकास न हुआ हो। कालांतर में नवसृजित जनपद को भव्य जिला मुख्यालय मिला। नई पुलिस लाइन मिली। विकास भवन के साथ जनपद न्यायालय का भव्य भवन भी मिला।

नगर पालिका बना नगर निगम
इसी के साथ फिरोजाबाद शहर को नगर पालिका परिषद से नगर निगम का दर्जा भी मिल गया। जेड़़ा झाल परियोजना के माध्यम से सुहाग नगरी को गंगाजल भी मिल गया। मेडिकल कॉलेज भी मिल गया। जिसके भवन का निर्माण कार्य प्रगति पर है। तीन दशक की अवधि में विकास के और भी अनेक कार्य हुए हैं। लेकिन तरक्की की इबारत अभी पूरी नहीं लिखी जा सकी है।

उम्मीदें जो अभी तक पूरी नहीं हुईं
शहर फिरोजाबाद को जिले का दर्जा मिले भले ही तीन दशक का अर्सा बीत गया। लेकिन कांच नगरी को ट्रांसपोर्ट नगर की कमी आज भी खल रही है। विकास प्राधिकरण कभी लालऊ तो कभी नागऊ पर ट्रांसपोर्ट नगर स्थापना का प्रयास करता दिखा। लेकिन बाद में यह भी सरकारी फायलों में कैद हो कर रह गया।

नहीं बन सका ग्लास एक्सपो मार्ट
कांच नगरी के उद्यमियों को ग्लास एक्सपो मार्ट की भारी कमी खल रही है। देश विदेश में फिरोजाबाद की पहचान चूड़ियों के शहर के रूप में की जाती है। फिरोजाबाद शहर को ग्लास सिटी के नाम से जाना जाता है। यहां पर कांच की रंग बिरंगी चूड़ियों के साथ आकर्षक ग्लास आयटम बनाए जाते हैं। लेकिन अभी तक कांच नगरी में ऐसा कोई ग्लास शो रूम तक नहीं है। जहां पर बाहर से आने वाले देसी, विदेशी कारोबारी एक स्थान पर कांच उत्पादों की चमक को देख सकें। नगर के युवा उद्यमी हेमंत अग्रवाल बल्लू कहते हैं कि जनपद से गुजर रहे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर प्रदेश सरकार अगर दो-तीन स्थान पर ग्लास एक्सपो मार्ट स्थापित करा दे, तो बाहर से बाहर के कारोबारी एक ही जगह ग्लास आयटम पसंद कर सकेंगे।

अभी तक नहीं बन सकी आवासीय कॉलोनी
जिले में अभी तक कोई बड़ी आवासीय कॉलोनी नहीं बन सकी है। जिला बनने पर यहां पर आबादी काफी बढ़ी। निम्न और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए आवासीय कॉलोनी की विशेष जरूरत है। इस ओर फिरोजाबाद शिकोहाबाद विकास प्राधिकरण भी कोई ठोस कदम नहीं उठा सका। नगर में सिर्फ एक बस स्टैंड है। जबकि यहां से सैकड़ों बसें दिल्ली, कानपुर, लखनऊ की ओर गुजरती हैं। रोडवेज के डिपो की मांग भी उठती रही है। लेकिन यह अभी तक नहीं बन सका।