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पत्रिका न्यूज नेटवर्क
फिरोजाबाद। घर से ड्यूटी को निकले चकबंदी कानूनगो का दिन दहाड़े अपहरण कर लिया गया। कानूनगो के मोबाइल से उनके बेटे को फोन कर 10 लाख की डिमांड की गई। मौके पर पहुंचे बेटे ने पुलिस को ले जाकर पिता को मुक्त कराया है। तहरीर के आधार पर पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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यह था पूरा मामला
पूरा मामला थाना शिकोहाबाद क्षेत्र का है। फिरोजाबाद के टूंडला निवासी चोब सिंह भर्थना (इटावा) में चकबंदी कानूनगो के पद पर तैनात हैं। पीड़ित के मुताबिक गुरुवार को वह बाइक से ड्यूटी जाने के लिए भर्थना इटावा के लिए निकले थे। जब उनकी बाइक शिकोहाबाद सुभाष तिराहे पर ओवरब्रिज पर रूकी तभी वहां हरेंद्र आ गया। हरेंद्र के मकान में चोब सिंह करीब दो साल तक किराए पर रहे थे। आरोप है कि हरेंद्र जबरन उन्हें वहां से अपने घर ले गया। वहां जाकर उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया। उसके बाद उनके ही फोन से बेटे रविंद्र को फोन कराया और दस लाख रुपये की मांग करने लगे। बेटे के मुताबिक उनके पास फोन आया कि तेरे पिता हमारे पास हैं। दस लाख रुपये लाओ और अपने पिता को ले जाओ। इसके बाद वह अपने दो अन्य साथियों के साथ यहां आया था। वहां काफी देर बैठने के बाद भी जब उसे पिता नहीं मिलाया गया तब उसने थाने में तहरीर दी। बाद में वह पुलिस लेकर हरेंद्र के घर पहुंचा और पिता को मुक्त कराया। उन्होंने बताया कि वह वर्ष 2012 से 2014 तक हरेंद्र के मकान में किराये पर रहे थे। इसके बाद वह टूंडला चले गए लेकिन उनका सामान हरेंद्र के मकान में बने कमरे में ही रखा हुआ था। इसको लेकर हरेंद्र किराये के रुपये मांगता था। चोब सिंह का आरोप है कि हरेंद्र ने उनसे कई बार रुपये जबरन छीन लिए थे। इतना ही नहीं वर्ष 2014 में ही उसने कमरे की चाबी ले ली थी। अब वह जबरन उनसे किराया वसूल कर रहा है। इसी को लेकर गुरुवार को कमरे में बंद रखा। सीओ शिकोहाबाद राजवीर सिंह ने बताया कि यह मामला हमारे संज्ञान में नहीं है। अगर इस तरह का कोई मामला है तो उसकी जानकारी कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
20 Aug 2021 10:59 am
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