
Eid
फ़िरोज़ाबाद। जिले में कुर्बानी का त्यौहार ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्यौहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। गांधी पार्क स्थित ईदगाह सहित सदर बाजार में जामा मस्जिद एक मीनार मस्जिद तथा अन्य मस्जिदों में सुबह 8 बजे शहर काजी ने मुख्य नमाज अता कर मुस्लिम समुदाय को ज्ञान और प्रेम व भाईचारा बनाए रखने का सलीका बताया।
काफी संख्या में जुटी भीड़
ईदगाह मैदान मैं बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज ने नमाज अता कर अमन चैन की दुआ के साथ एक दूसरे को मुबारकबाद दी इसके बाद घरों में कुर्बानी का सिलसिला हुआ। बताया जाता है कि कुर्बानी के पर्व बकरीद त्याग और बलिदान के लिए इसका विशेष महत्व है। इस दिन हिंदुस्तान में बकरे की बलि दी जाती है इसके पीछे यह समझाना होता है कि हर इंसान अपने जान माल को अल्लाह की अमानत समझे और उसकी रक्षा के लिए किसी भी त्याग या बलिदान के लिए तैयार रहें।
चाक चौबंद रही व्यवस्था
बकरीद पर पुलिस की व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही राजनीतिक दलों ने अपने अपने कैंप लगाए हुए थे। जिलाधिकारी नेहा शर्मा, एसएसपी सचिंद्र पटेल, पुलिस अधीक्षक शहर राजेश कुमार, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण महेंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी नेहा जैन, नगर मजिस्ट्रेट प्रियंका सिंह, नगर विधायक मनीष असीजा, नगर निगम महापौर नूतन राठौर, एमएलसी दिलीप यादव, ने नगर निगम द्वारा बनाए गए कैंपों में मुस्लिम समाज के लोगों को बकरीद की मुबारकबाद दी।
टूंडला में हुई नमाज
सुबह करीब साढ़े आठ बजे बन्ना स्थित ईदगाह पर मौलाना अनवारूल हक ने नमाज अता करायी। इस दौरान देश में अमन चैन तथा भाईचारा कायम करने, आतंकवाद से निजात दिलाने की तौफीक अता फरमाने हुए अल्लाहताला से दुआ मांगी। नमाज के उपरांत एक दूसरे के गले लग ईद की मुबारकवाद दी गई। सुबह नौ बजे जामा मस्जिद, धोबीघाट मस्जिद पर नमाज अता करायी गई। नमाज के बाद सभी ने कुर्बानी दी। मौलाना ने बताया कि कुर्बानी को तीन हिस्सों में बांटा जाता है। जिसमें एक स्वयं के लिये दूसरा गरीबों के लिये व तीसरा रिश्तेदारों व मिलने वालों के लिये दिया जाता है।
Published on:
22 Aug 2018 10:41 am
बड़ी खबरें
View Allफिरोजाबाद
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
