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यदि आप नशा छोड़ना चाहते हैं तो यह है सबसे कारगर और सस्ता उपाय, पढ़िए ये खबर

— गर्भावस्था में शराब पीने से बच्चे को हो सकते है 428 प्रकार के रोग, होम्योपैथिक की सल्फर दवा और अदरक की गांठ मुंह में रखने से छूट जाती है नशे की लत।

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Madira Mukti

Madira Mukti

फिरोजाबाद। आज की युवा पीढ़ी को नशे की आदत ने जकड़ रखा है। नशे की लत में पड़कर युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है। फिरोजाबाद की लोक नागरिक कल्याण समिति द्वारा नशा मुक्ति के लिए अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत लोगों को शराब मुक्ति के उपाय और उन्हें संकल्प दिलाया जाता है।

दाऊ दयाल महिला महाविद्यालय में हुआ आयोजन
डॉ. अंजू गोयल एवं डॉ.निधि अग्रवाल के संयोजन में दाऊ दयाल महिला महाविद्यालय में भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला विद्यालय निरीक्षक रितु गोयल एवं जेल अधीक्षक मोहम्मद अकरम खान ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर किया। इस मौके पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षक ने कहा की समाज में नशे की प्रवृत्ति युवाओं में लगातार बढ़ रही है जिसका विरोध समय रहते करना बहुत जरूरी है। समाज में नशे के खिलाफ जन जागरण करना चाहिए।

शराब पीकर होते हैं गलत काम
जेल अधीक्षक मोहम्मद अकरम खान ने कहा कि शराब पीकर किसी ने कोई अच्छा काम कभी नहीं किया। सारे बुरे कामों की जड़ में शराब है। हमारी युवा पीढ़ी नशे से मुक्त हो इसके लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए। लोक नागरिक कल्याण समिति के सचिव सामाजिक कार्यकर्ता सत्येंद्र जैन सोली ने कहा कि महर्षि बाणभट्ट के शोध के अनुसार नशे की प्रवृत्ति को रोकने के लिए सल्फर तत्व बहुत कारगर सिद्ध होता है और अदरक में सल्फर पर पाया जाता है यदि नशा करने बाला व्यक्ति अदरक की गांठ मुंह में रखें तो शराब एवं अन्य व्यसन की लत छूट जाती है। होम्योपैथी की दवा सल्फर का भी इस्तेमाल कर नशे की लत को छुड़ाया जा सकता है।

गर्भवती महिला के लिए जहर है शराब
उन्होंने कहा कि टोरंटो मैं स्थित सेंटर फॉर एडिक्शन एंड मेंटल हेल्थ से प्रमुख शोधकर्ता लाना पोपोवा के अनुसार महिला के गर्भावस्था में शराब पीने से बच्चे में 428 प्रकार के रोग होने की संभावना रहती है। इस अवसर पर रामदास कुशवाह राहुल कुमार, डॉ. विनीता यादव डॉ रंजना राजपूत डॉ छाया बाजपेई डॉ नूतन राजपाल डॉ ममता अग्रवाल डॉ अर्चना शालिनी गुप्ता, नीतू सिंह, साक्षी मिश्रा, अनुराधा कुमारी, रागिनी, दिव्यांशी शर्मा, राधा कुमारी, मोहिनी राठौर ने अपने विचार व्यक्त किए।