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फिरोजाबाद। इंसानों को नाग—नागिन के जोड़े से प्रेम की परिभाषा सीखने की जरूरत है। नाग के वियोग में एक नागिन ने भी अपने प्राणों को त्याग दिया। नागिन के प्रेम और बलिदान को देखकर ग्रामीण हैरान रह गए। ग्रामीणों ने नाग की मौत के बाद नागिन को दूध पिलाने का काफी प्रयास किया लेकिन नागिन ने दूध नहीं पिया और एक माह बाद उसने नाग के वियोग में दम तोड़ दिया। इसे अंधविश्वास कहें या कुछ और लेकिन क्षेत्र के ग्रामीण तो यही कहते हैं।
पचोखरा क्षेत्र का है मामला
ग्रामीणों के अनुसार पचोखरा क्षेत्र के गांव नगला सूरज के समीप एक माह पूर्व चारा काटने वाली मशीन से कटकर एक नाग की मौत हो गई थी। किसान ने मृत नाग को दफन कर दिया। जिस जगह पर नाग को दफनाया था, वहां पास में ही एक बिल से नागिन निकल आई और बाहर आकर बैठ गई। जब ग्रामीणों की नजर नागिन पर पड़ी तो पीने के लिए दूध रखा गया, लेकिन उसने दूध नहीं पिया। इस घटना की खबर जंगल में आग की तरह फैलती गई। नागिन को देखने वालों की भीड़ लगने लगी। ग्रामीणों ने उसके चारों ओर घेरा बना दिया। उनका कहना था कि नाग के वियोग में नागिन बैठी है।
एक माह तक बैठी रही नागिन
ग्रामीणों ने बताया कि एक माह तक नागिन एक ही जगह बैठी रही। मंगलवार को उसने भी दम तोड़ दिया। उसकी मौत के बाद ग्रामीणों ने नाग के शव को जहां दफनाया गया था वहां से निकालकर नागिन के शव के साथ रख दिया और पूजा-अर्चना शुरू कर दी। नागिन के मरने की खबर मिलने पर आसपास के ग्रामीण वहां पहुंच रहे हैं। मृत नाग और नागिन की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। चढ़ावा भी चढ़ा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जल्द ही उक्त जगह पर भगवान शिव के साथ नाग-नागिन का मंदिर बनवाया जाएगा।
Updated on:
05 Feb 2020 02:55 pm
Published on:
05 Feb 2020 02:51 pm
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