प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद भी शुरू नहीं हो सका पशुओं का टीकाकरण

खास बातें—
- नरेन्द्र मोदी ने 11 सितम्बर को मथुरा में राष्ट्रीय अभियान की घोषणा की थी।
-पशु रोग नियंत्रण के तहत प्रत्येक जिले में शुरू होना था पशुओं का टीकाकरण।
- पहले सितम्बर में शुरू हो जाता था टीकाकरण, अभी तक नही आई है वैक्सीन।
-पहले उत्तर प्रदेश सरकार कराती थी, अब केन्द्र सरकार ने जिम्मेदारी ली है।

फिरोजाबाद। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की घोषणा के बाद भी पशुओं का टीकाकरण प्रारंभ नहीं हो सका है। केन्द्र द्वारा पशु चिकित्सालयों पर वैक्सीन न पहुंचने के कारण अभी तक टीकाकरण का कार्य शुरू नहीं हो सका है, जबकि सितंबर और अक्टूबर के बीच में वैक्सीनेशन का कार्य प्रारंभ हो जाता था। माना जा रहा है कि 10 अक्टूबर तक केन्द्र से वैक्सीन आने की संभावना है, जिसके बाद वृहद स्तर पर पशुओं के टीकाकरण का कार्य प्रारंभ कराया जाएगा। टीकाकरण शुरू न होने से पशुपालक परेशान हैं।

वर्ष में दो बार होते हैं टीकाकरण
पशुओं को खुरपका और मुंहपका जैसी बीमारियों से बचाव के लिए सरकार द्वारा वर्ष में दो बार टीकाकरण कराया जाता है। पहली बार टीकाकरण फरवरी माह में प्रारंभ होता है जो मार्च में समापन होता है। दूसरा टीकाकरण सितंबर माह से प्रारंभ होकर अक्टूबर तक चलता है। पशु चिकित्सा केन्द्र पचोखरा के डॉक्टर नीरज गर्ग ने बताया कि अभी तक राज्य सरकार द्वारा टीकाकरण का कार्य कराया जाता है और वैक्सीन भी प्रदेश सरकार से आती थी। हाल ही में प्रधानमंत्री ने मथुरा में पशु रोग नियंत्रण के तहत वैक्सीनेशन का शुभारंभ किया था। अब वैक्सीन केन्द्र सरकार द्वारा मुहैया कराई जाएगी। संभवत: 10 अक्टूबर तक वैक्सीन आने की संभावना है, उसके आते ही पशुओं के टीकाकरण का कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा।

ये बोले थे प्रधानमंत्री
मथुरा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पशुओं की हो रही आकस्मिक मौत से पशु पालकों को हो रहे नुकसान को देखते हुए वैक्सीनेशन की घोषणा की थी। केन्द्र सरकार ने इसे शुरू कराने के निर्देश दिए थे। प्रधानमंत्री के निर्देशों के बाद भी जिले में वैक्सीनेशन का कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है। इसके चलते पशु पालकों को मायूसी का सामना करना पड़ रहा है।

इस तरह होगा टीकाकरण
डॉ. गर्ग ने बताया कि वैक्सीनेशन के लिए ब्लाक स्तर पर शिविर लगाया जाएगा। जिसमें आने वाले पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा। टीकाकरण के लिए पशु स्वामियों को अपने—अपने पशु लेकर शिविर पर आना होगा। इस टीकाकरण का कोई चार्ज नहीं होगा। यह पूरी तरह निःशुल्क रहेगा।

क्या कहते हैं पशुपालक
पशु व्यापारी रामनरेश ने बताया कि अभी तक खुरपका-मुंहपका का टीकाकरण शुरू नहीं हुआ है। डेयरी संचालक कैलाश उपाध्याय का कहना है कि खुरपका-मुंहपका बीमारी के कारण पशुओं की मौत भी हो जाती है। इसलिए टीकाकरण तत्काल शुरू करने की जरूरत है। दुग्ध व्यसायी संतोष कुमार का कहना है कि हम पशु चिकित्सा केन्द्र पर पता करने गए तो बताया गया कि अभी वैक्सीन नहीं आई है। पैंठ मालिक बृजेश उपाध्याय के पास करीब 200 भैंस हैं। उनका कहना है कि सितम्बर और अक्टूबर में ही खुरपका-मुंहपका बीमारी दुधारु पशुओं में फैलती है। टीकाकरण में विलम्ब हो रहा है। आशा है कि टीकाकरण जल्दी शुरू हो जाएगा।

Show More
अमित शर्मा
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned