
फिरोजाबाद। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हर गांव में बिजली पहुंचाने की बात कह रहे हैं लेकिन सुहागनगरी के इस गांव में न बिजली के तार हैं और न खंबे ही। इस गांव के ग्रामीण आज भी 10वीं सदी में जीने को विवश हैं। भले ही देश के प्रधानमंत्री हर गांव में बिजली होने की बात कहते हुए अपनी पीठ थपथपा रहे हों लेकिन सत्यता इसकेक विपरीत है। दिन ढलने के साथ ही इस गांव के लोगों का घर लौटना शुरू हो जाता है। दिन छिपने के बाद शायद ही कोई बाहर जाता हो।
अंबेडकर गांव का है ये हाल
जहां एक ओर केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा गांवों में विद्युतीकरण, सुलभ शौचालय, सड़क, पानी आदि को लेकर विकास कार्य तेजी से होने पर जोर दिया जा रहा है वहीं दूसरी ओर फिरोजाबाद जिले में एक गांव ऐसा भी सामने आया है जहां विद्युतीकरण की बात तो छोड़िये बिजली के खंबा तक नहीं लगे। यह गांव है एका विकास खंड के मिलावली ग्राम पंचायत में शामिल नगला खुशाल उर्फ कजरिया। कई सालों से इस गांव के वाशिंदे अंधकार में जी रहे हैं। जबकि यह गांव में पूर्व में अम्बेडकर ग्राम में भी शामिल रह चुका है।
यहां नहीं लगे खंबे
ऐसे में यह कैसी विकास की गाथा, जहां न खंबे हैं न तार, किस तरह यहां के लोग जीवन यापन कर रहे हैं। यह तो वही जानते हैं। बिजली की बात के अलावा सुलभ शौचालय भी आधे अधूरे बने हैं जो बने हैं उनमें कण्डे कूड़ा आदि के लिये प्रयोग हो रहे हैं चूंकि बनना न बनना उनका बराबर ही रहा। कई वर्षो से यहां बिजली नहीं है, न विद्युत खंभे हैं वोट लेने सभी आते हैं पर यहां विकास का ध्यान किसी का नहीं। अंधकार में किस तरह सालों से अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं यह तो वही बता सकते हैं।
कैसे होते हैं अच्छे दिन
ग्रामीणों का कहना है कि अच्छे दिन कैसे होते हैं हमें तो पता ही नहीं। यहां के ग्राम प्रधान हैं सपा के कृष्णमुरारी उनके संज्ञान में भी लाया गया, पर कोई ध्यान नहीं दिया। गांव में करीब 40 मकान है और 400 से ऊपर की आबादी है। ग्रामीणों का कहना था अक्सर मीडिया में डीएम द्वारा गांवों को आदर्श गांव बनाने के लिये प्रयास की खबरें देखते रहते हैं हमारा डीएम साहिबा से आग्रह है जरा इस गांव का भी अंधकार दूर कर दें। इसको भी अपनी शरण में ले लें।
Published on:
09 May 2018 08:40 pm
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