
फिरोजाबाद। खुले में शौच करने से होने वाले नुकसानों के बारे में लोग अब जान चुके हैं। यही कारण है कि जिले भर के 165 गांव खुले में शौच से मुक्त हो चुके हैं। इन गांवों के लोग अब खुले में शौच करने नहीं जाते। खुले में शौच को मुक्त करने के लिए जिले भर में तेजी से अभियान चल रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में जिले भर के गांवों को खुले में शौचमुक्त कर दिया जाएगा।
वर्ष 2014 में तैयार हुई थी कार्य योजना
जिले में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत वर्ष 2014 में 569 ग्राम पंचायतों को खुले में शौच से मुक्ति का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके लिए शासन स्तर से धनराशि अवमुक्त कराई गई थी। जिले में कुल एक लाख 77 हजार 584 शौचालयों का निर्माण होना है। अब तक 81 हजार 79 शौचालयों का निर्माण हो चुका है।
ये मिला बजट
टूंडला ब्लाक के लिए 2.69 करोड, नारखी ब्लाक के लिए 2.37 करोड, शिकोहाबाद के लिए 2.15 करोड, मदनपुर को 2.06 करोड, अरांव को 1.62 करोड, जसराना को 1.29 करोड, एका को 1.83 करोड और हाथवंत ब्लाक को 1.78 करोड रूपए की धनराशि मिली। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत जिले को 70.66 करोड रूपए धनराशि जारी हुई।
एक लाख 77 हजार बनने हैं शौचालय
जिले में कुल एक लाख 77 हजार 584 शौचालयों का निर्माण होना है। वर्ष 2017-18 में 74 गांव ओडीएफ घोषित हुए हैं। तत्कालीन मिशन डायरेक्टर विजय किरन आनंद ने फिरोजाबाद को छोड़कर एका, हाथवंत, टूंडला, शिकोहाबाद और जसराना में शौचालय निर्माण संबंधी जीओ टैगिंग की स्थिति असंतोषजनक मिलने पर नोटिस जारी किए थे।
महिलाओं ने भी दिया अभियान में योगदान
स्वच्छ भारत मिशन अभियान में महिलाओं ने भी अपना योगदान दिया है। नारखी ब्लाक के गांव नगला सिकंदर और टूंडला के गांव मुहब्बतपुर में महिलाओं ने स्वच्छ भारत अभियान में हिस्सा लेकर लोगों को जागरूक किया था।
विश्व बैंक की उपाध्यक्ष ने किया था दौरा
तत्कालीन डीएम विजय किरन आनंद ने वर्ष 2015 में सबसे पहले चार गांव ओडीएफ कराए थे। उसके बाद सुहाग नगरी का नाम देश में चमका था। इसी के चलते विश्व बैंक की उपाध्यक्ष लौहरा टक ने टूंडला ब्लाक के ओडीएफ गांव प्रतापपुर का निरीक्षण किया था।
Published on:
04 Jan 2018 03:48 pm
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