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Touriust Guide: फिरोजाबाद आए और इस महल को नहीं देखा तो आपने कुछ नहीं देखा

— फिरोजाबाद के इतिहास राजा चन्द्रसेन की सल्तनत के अवशेष आज भी हैं, टूरिस्ट के लिहाज से रमणीय स्थान है चन्द्रवाड़।

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Tourist

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फिरोजाबाद। फिरोजाबाद में टूरिस्ट के लिहाज से भी काफी कुछ है। यहां के इतिहास को अपने आप में समेटे हुए राला चन्द्रसेन के किले के अवशेष आज भी फिरोजाबाद के चन्द्रवाड़ में हैं। जिसे देखने के लिए लोग आते जाते हैं। फिरोजाबाद को टूरिस्ट के लिहाज से भी देखा जाता है। यदि यहां का जिला प्रशासन चाहे तो यह शहर भी एक इतिहास बन सकता है।

काफी पुराना है यहां का इतिहास
फिरोजाबाद का इतिहास काफी पुराना है। यहां मुगलों के अलावा जैनिज्म का भी एक बहुत बड़ा क्षेत्र देखने को मिलता है। यहां कभी महाराज चन्द्रसेन की सल्तनत हुआ करती थी। राजा चन्द्रसेन का महल जो आज खंडहर की स्थिति में है। वहां कभी बैठकर वह शासन किया करते थे। अनदेखी के चलते राजा चन्द्रसेन का महल जीर्ण क्षीर्ण होता जा रहा है। राजा चन्द्रसेन के समीप ही उनकी महारानी का महल हुआ करता था जिसके अवशेष भी शेष नहीं रह गए हैं। फिरोजाबाद का पुराना नाम राजा चन्द्रसेन के नाम पर चन्द्रनगर पड़ा था। आज भी प्राचीन अभिलेखों में फिरोजाबाद का नाम चन्द्रनगर अंकित है। शहरवासियों ने राजा चन्द्रसेन के महल को संरक्षित कराए जाने की मांग की है।

यह है पूरा इतिहास
यमुना किनारे खादरों में राजा चन्द्रसेन का शासन था। दूर—दूर तक उनकी ख्याति थी। जैनिज्म को आगे बढ़ाने के लिए उनके द्वारा 108 जैन मंदिरों का निर्माण कराया गया था। उनके शासन में क्षेत्र की जनता खुश थी। देश में धीरे—धीरे मुगल शासक बढ़ने लगे। एक दिन अचानक मुगल शासक मोहम्मद गौरी ने जलमार्ग के जरिए रात्रि के अंधेरे में चन्द्रनगर पर आक्रमण कर दिया था। उसके बाद उसे पूरी तरह तबाह कर जैन मंदिरों को ध्वस्त कर दिया। राजा चन्द्रसेन के किले पर अपना आधिपत्य जमा लिया। कुछ समय के बाद मोहम्मद गौरी वहां से चला गया और राजा चन्द्रसेन का महल खंडहर होने लगा।

ऐसे पहुंचें
फिरोजाबाद के जैन तिराहा से आॅटो पकड़कर चन्द्रवाड़ फाटक तक पहुंचा जा सकता है। उसके बाद दूसरा आॅटो पकड़कर राजा चन्द्रसेन के किले तक पहुंचा जा सकता है। अपने वाहन से भी यहां पहुंचा जा सकता है। चन्द्रवाड़ फाटक होते हुए चन्द्रवाड़ स्थित राजा चन्द्रसेन के महल तक पहुंचा जा सकता है।