
रक्षाबंधन पर्व मनातीं ब्रह्माकुमारी बहनें
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
फिरोजाबाद। रविवार को भाई बहन का पवित्र त्यौहार रक्षाबंधन मनाया जाएगा। भाई की कलाइयों में रक्षा सूत्र बांधने के लिए बहनें कई कोस दूर से चलकर भाइयों के घर पहुंचेंगी। रक्षाबंधन का पर्व वैसे तो हिंदू धर्म में हर कोई मनाता है लेकिन रक्ष सूत्र कौन—कौन से हैं। इसकी जानकारी शायद ही किसी भाई बहन को होगी। इन रक्षा सूत्रों के बारे में आज बता रही हैं ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र की विजय बहन—
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यह हैं 5 रक्षा सूत्र—
ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र रामनगर की प्रभारी बीके विजय बहन ने बताया कि विश्व के निर्माण में इन 5 सूत्रों का विशेष महत्व है। इसमें पहला है स्नेह सूत्र - आत्मा को आत्मा से जोड़कर विश्व भातृत्व भाव बढ़ाने वाला यह स्नेह सूत्र है। दूसरा है रक्षा सूत्र- तन, मन, धन, जन मर्यादा देश समाज और संस्कृति की रक्षा का प्रेरक यह रक्षा सूत्र है। तीसरा ईश्वरीय सूत्र- ईश्वरीय ज्ञान गुण और शक्तियों और वरदानों की प्राप्ति कराने वाला यह सूत्र है। चौथा परिवर्तन सूत्र - स्व का परिवर्तन कर विश्व परिवर्तन की ओर अग्रसर करने वाला यह परिवर्तन सूत्र है और पांचवा है पवित्रता सूत्र - इसमें मन, वचन, कर्म, संबंध शरीर प्रकार की शुद्धि से भरे विश्व की ओर ले जाने वाला यह पवित्रता का सूत्र है। इन पांच सूत्रों से विश्व का निर्माण होता है। वह कहती हैं कि—
'मनभावन त्योहार है राखी, परम पिता का प्यार है राखी
पवित्रता का उपहार है राखी, श्रेष्ठाचार का आधार है राखी'
संबंधों में समर्पणता है राखी
रेखा बहन ने कहा कि राखी का पर्व सही मायने में विश्वास और समर्पण की भावना का त्योहार है। बहनों की रक्षा करना प्रत्येक भाई का कर्तव्य है। राखी कोई धागा मात्र नहीं है बल्कि इस धागे की डोर से सुरक्षा का संकल्प जन्म लेता है। आज हर बहन अपने आप को सुरक्षित महसूस कर सके, कुछ इस तरह हम सभी भाइयों को बहनों की सुरक्षा का संकल्प लेना है। तनु बहन, रेनू बहन, शिवानी बहन, खुशी, धीरज भाई, मनोज भाई, नितिन भाई, भगवती प्रसाद, विजय माता ,कुसमा माता, कस्तूरी माता, जनक माता, विमला माता ने भी अपने भाव प्रकट किए। एचडीएफसी बैंक के प्रबंधक ने इस रिश्ते की डोर को मजबूत करने का मंत्र दिया।
Published on:
20 Aug 2021 01:08 pm
