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फिरोजाबाद। फिरोजाबाद में निकाय चुनाव जीतना भाजपा के लिए किसी मुसीबत को टालने से कम नहीं है। टिकट न मिलने से नाराज करीब एक दर्जन भाजपाई बागी हो गए। किसी ने निर्दलीय नामांकन कर दिया तो कोई दूसरी पार्टी के प्रत्याशी के साथ चला गया। इस बार भाजपा में रुपये लेकर टिकट बांटने के भी आरोप खूब लगे हैं। फिरोजाबाद शहर के अंदर ही पूर्व महानगर अध्यक्ष सुनील शर्मा ने पार्टी के साथ बगावत कर दी। अपने साथ बागियों की पूरी फौज तैयार कर ली है। यह फौज चुनाव में भाजपा को हराने का काम करेगी। इसके लिए भाजपाइयों को फिर दूसरे ही दल के किसी प्रत्याशी का साथ क्यों न देना पडे।
कल तक थे भाजपाई आज हो गए बागी
टूंडला नगर पालिका में अभी कुछ दिन पहले तक भाजपा का झंडा उठाने वाली नीलम दिवाकर बागी हो गईं। उन्हें टिकट देने का भरोसा हाईकमान द्वारा दिया गया, लेकिन अंतिम समय में उन्हें टिकट नहीं दिया गया। टिकट न मिलने पर उन्होंने निर्दलीय ही नामांकन कर दिया। इनके अलावा वरिष्ठ भाजपा नेता कहलाने वाले सुशील चक ने भी पार्टी के विरोध में झंडा उठा लिया है। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के सामने आर-पार की चुनौती पेश कर दी।
सिरसागंज और जसराना में भी नहीं है कम बागियों की फौज
फिरोजाबाद और टूंडला ही नहीं बल्कि शिकोहाबाद, सिरसागंज और जसराना में भी भाजपाइयों ने बगावत कर दी है। इस बार फिरोजाबाद जिले के अंदर भाजपा के सामने कई चुनौतियां खड़ी हैं। सपा की ओर से सांसद अक्षय यादव ने कमान थाम रखी है, तो भाजपा की ओर से केबिनेट मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल की साख दांव पर लगी है। बसपा ने भी इस बार निकाय चुनाव में झंडा गाड़ने के प्रयास किए हैं, लेकिन टूंडला से निर्दलीय नामांकन करने वाले सूर्यकांत ने कोर्डिनेटर हेमंत प्रताप सिंह पर रूपए लेने के बाद भी टिकट न देने का आरोप लगाकर भूचाल खड़ा कर दिया है।
जिन्हें नहीं मिली टिकट वही कर रहे बगावत?
भाजपा के जिलाध्यक्ष बीएल वर्मा का कहना है कि निकाय चुनाव में प्रत्याशियों के नाम हाईकमान द्वारा तय किए गए हैं। जिन लोगों को टिकट नहीं मिला है वह विरोध कर रहे हैं। यह बात ठीक नहीं है। टिकट तो किसी एक ही व्यक्ति को मिलेगी। दावेदार कई और टिकट एक। ऐसे में सभी को संतुष्ट नहीं किया जा सकतार। निकाय चुनाव में भाजपा ही जीत हासिल करेगी।
Published on:
11 Nov 2017 06:33 pm
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