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शिवपाल यादव का सेक्युलर मोर्चा लोकसभा चुनाव में मचा देगा खलबली, ये है वजह

— फिरोजाबाद में सपा से निकाले गए नेताओं पर है शिवपाल यादव की नजर।
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फिरोजाबाद

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Amit Sharma

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Updated: 29 Aug 2018, 5:31 PM IST

shivpal yadav

shivpal yadav

फिरोजाबाद। सुहागनगरी में शिवपाल यादव का सेयुक्लर मोर्चा प्रो. रामगोपाल यादव के लिए भारी साबित हो सकता है। लोकसभा चुनाव में यहां से प्रो. रामगोपाल यादव के पुत्र अक्षय यादव चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में शिवपाल यादव सपा से निकाले गए नेताओं को अपने दल में शामिल कर सकते हैं। शिवपाल पहले भी उन लोगों के संपर्क में रहे हैं।


सपा खेमे में खलबली
समाजवादी पार्टी में लगातार उपेक्षा के बाद पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने अपनी अलग पार्टी समाजवादी सेक्युलर मोर्चा का गठन कर दिया है। उन्होंने कहा है कि समाजवादी सेक्युलर मोर्चा यूपी में नया सियासी विकल्प होगा। इसके जरिए मैं छोटे दलों को जोड़ूंगा। शिवपाल सिंह ने कहा कि सपा में अपनी इज्जत न होने से मैं आहत हूं। मुझे किसी भी मीटिंग में नहीं बुलाया जाता था। उन्होंने ये भी कहा कि उस पार्टी में अब नेताजी का भी सम्मान नहीं किया जाता है। उनकी उपेक्षा से मैं बहुत दुखी हूं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि सपा में जिनका सम्मान नहीं हो रहा है वह हमारी पार्टी में आ जाए।

विधायक भी हैं शिवपाल के संपर्क में
फिरोजाबाद देश और उत्तर प्रदेश की राजनीति में अहम भूमिका निभाता आया है। इस बार भी लोकसभा चुनाव में फिरोजाबाद के आंकड़े जानने के लिए लोग उत्सुक नजर आएंगे। कुछ ऐसे ही हालात बनतते जा रहे हैं फिरोजाबाद में। समाजवादी पार्टी के कद्दावर कहे जाने वाले सिरसागंज विधायक हरीओम यादव के पुत्र विजय प्रताप को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। उसके बाद उन्होंने अपनी ही पार्टी के खिलाफ बिगुल फूंक दिया। जसराना के पूर्व सपा विधायक रामवीर यादव को भी पार्टी ने बाहर कर दिया। उन्होंने भाजपा ज्वाइन कर ली और बेटे को जिला पंचायत का अध्यक्ष बनवा दिया।

मुस्लिम नेता भी है नजर में
फिरोजाबाद मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र माना जाता है। यहां मुस्लिमों को लुुभाने के लिए शिवपाल यादव के सपंर्क में पूर्व विधायक अजीम भाई भी हैं। अजीम भाई भी किसी समय सपा के कद्दावर नेताओं में से एक थे लेकिन उन्हें भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। अब शिवपाल यादव इन सभी नेताओं को अपने खेमे में लाने की तैयारी में हैं। आने वाले लोकसभा चुनाव में माना जा रहा है कि शिवपाल यादव प्रो. रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव के लिए खतरा बन सकते हैं।