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जानिए, कैंसर वाले गांव की दर्दनाक हकीकत

मदनपुुर ब्लॉक के गांव भांडरी में कैंसर से हो चुकी हैं दोे दर्जन महिला-पुरूषों की मौत। गांव में अब तक कैंसर फैलने की वजह नहीं पता चल सकी है।

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फिरोजाबाद। फिरोजाबाद जिले की शिकोहाबाद तहसील का ब्लॉक मदनपुर है। इस ब्लॉक का गांव भांडरी आज कल कैंसर के नाम से विख्यात हो गया है। इस गांव में सबसे अधिक कैंसर पीड़ित रहते हैं। कैंसर से करीब दो दर्जन लोगों की मौतें हो चुकी हैं तो वहीं दर्जन भर महिला-पुरूष कैंसर की चपेट में हैं। गांव में कैंसर फैलने की वजह अभी तक पता नहीं लग सकी है। काफी खोजबीन के बाद स्वास्थ्य विभाग भी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सका है।

धूम्रपान किए बिना ही हो गया कैंसर

भांडरी गांव के लोग यह सोचकर भयभीत हैं कि कैंसर फैलने की वजह धूम्रपान को बताया जाता है लेकिन यहां धूम्रपान किए बिना ही गांव की महिला और पुरूषों को कैंसर हो गया। गांव में कैंसर की बीमारी फैलने से आस-पास गांव के लोग भी डरे हुुए हैं। ग्राम प्रधान प्रवीन यादव बताते हैं कि कैंसर जैसी बीमारी फैलने की कोई वजह अभी तक सामने नहीं आई है। कैंसर पीड़ितों की एक-एक करके मौत हो रही है। करीब दो दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है तो दर्जन भर इस बीमारी की चपेट में हैं।

इन लोगों की हुुई मौत

कैंसर की बीमारी फैलने की वजह से अभी तक प्रमिला देवी पत्नी यशपाल, सुधा देवी पत्नी मुन्नेश कुुमार, श्रीकृष्ण पुत्र सामले सिंह, महीपाल सिंह पुत्र प्यारेलाल, डाॅ. महेश चन्द्र पुुत्र लक्ष्मीनरायन, संजीव पुुत्र लक्ष्मीनरायन, रामबेटी पत्नी अजब सिंह, राजेन्द्र सिंह पुुत्र अतर सिंह, चमेली देवी पत्नी सामले सिंह, फतेह सिंह पुत्र भूरी सिंह, संजीव पुुत्र राधाकृष्ण, प्रेमचन्द्र पुत्र लक्ष्मीनरायन, जसोदा पत्नी मुरारीलाल, मनोज पुत्र राणाकृष्ण, रेशम देवी पत्नी सत्यप्रकाश, जय देवी पत्नी राकेश, सतीशचन्द्र पुत्र लक्ष्मीनरायन, रनवीर सिंह पुत्र बदन सिंह, सर्वेश पुुत्र रामौतार, नीलेश पुुत्र रनवीर सिंह, मीरा देवी पत्नी सरमन सिंह, अरूण कुमार पुत्र रामवीर सिंह, विरमा देवी पत्नी महीपाल, शारदा पत्नी उमाशंकर की मौत हो चुकी है।

ये हैं कैंसर से पीड़ित

वर्तमान में भी कैंसर ने इस गांव के लोगों का पीछा नहीं छोड़ा है। अभी भी भूरी देवी पत्नी राम सिंह, राजन सिंह पुत्र सुरेन्द्र सिंह, धर्मेन्द्र पुुत्र भंवर सिंह, शिवदयाल पुुत्र रामअवतार, रानी देवी पत्नी विनोद सिंह, सत्यवीर सिंह पुत्र बंगाली बाबू, मनोज पुत्र सुरेन्द्र सिंह, कमलेश पुत्र रघुवीर सिंह, रामशंकर पुुत्र गयाप्रसाद, जशोेदा पत्नी अमोल, मुुकेश पुत्र रमेश, गौरीशंकर पुत्र बदन सिंह के अलावा चार अन्य इस बीमारी से पीड़ित हैं।

दूर-दूर से आए डाॅक्टर कोई नहीं मिला लाभ

ग्राम प्रधान प्रवीन यादव बताते हैं कि गांव में कैंसर जैसी बीमारी फैलने की वजह जानने के लिए दूर दराज से डाॅक्टर आए लेकिन बीमारी फैलने की वजह ज्ञात नहीं कर सके। इसकी वजह से ग्रामीणों में भय बना हुआ है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर भी लगवाए जातेे हैं।