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हरियाणा के अलखपुरा की बेटियां जगा रही है खेलों का अलख,गांव बना मॉडल

अलखपुरा  आज हरियाणा के दूसरे गावों के लिए प्रेरणाश्रोत बना हुआ है,गांव की ग्यारह लड़कियां  अंतरास्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी है ।

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Football Club Alakhpura

Football Club Alakhpura

नई दिल्ली । हरियाणा के भिवानी से कई सारे खिलाडी अंतरास्ट्रीय स्तर पर गोल्ड ,सिल्वर और ब्रॉन्ज मैडल जीतकर अपने प्रतिभा को साबित कर चुके हैं। भिवानी जिले का अलखपुरा गांव आज हरियाणा के दूसरे गावों के लिए प्रेरणाश्रोत बना हुआ है। अलखपुरा गांव के हर घर से कम से कम एक बेटी सुबह और शाम को फुटबॉल के मैदान पर पसीना बहते नजर आती है । इस गांव के आम किसानों की बेटियां सुबह-सुबह पिता के साथ घर से निकल जाती है ,पिता खेत में पसीना बहाते हैं और बेटी फुटबॉल के मैदान पर पसीना बहती है ।परिणाम यह हुआ है कि इस गांव की ग्यारह लड़कियां अब तक अंतरास्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी है ।

ऐतिहासिक है गांव के बेटियों की उपलब्धि -
आपको जानकारी के लिए बता दें कि इस गांव का सेक्स रेसियो राज्य के औसत सेक्स रेसियो से भी बदतर हालत में है ।यदि सेक्स रेसियो को दरकिनार कर दें तो बांकी इस गांव ने जो उपलब्धि दर्ज की है वह काबिले तारीफ़ है । इस गांव की 300 से ज्यादा लड़कियों को रेगुलर ट्रेनिंग दी जाती है । इनमे से ग्यारह लड़कियों ने भारतीय फुटबॉल टीम का प्रतिनिधित्व किया है जबकि कई लडकियां राज्य स्तर पर चयनित की जा चुकी है ।

तेज वर्षात भी नहीं डिगा पाता है इनका इरादा -
एक समाचार वेबसाइट के मुताबिक साल के 365 दिन गांव की लडकियां मैदान पर पसीना बहाते नजर आती है। कई बार तो हालत ऐसा होता है कि भारी बर्षात के बाद कीचड़ भरे मैदान में भी गांव की बेटियां फुटबॉल के साथ जूझते नजर आती है । एक इंटरव्यू में गांव की एक राष्ट्रीय खिलाडी पूनम शर्मा ने बताया कि उन्हें मैदान पर प्रैक्टिस करने से कोई नहीं रोक सकता यहां तक की भारी वर्षात भी नहीं । अठारह साल की पूनम पिछले आठ सालों से मैदान पर प्रैक्टिस कर रही है ।वियतनाम में इस खिलाडी ने भारत का प्रतिनिधित्व एशियन फुटबॉल कन्फेडरेशन अंडर -19 में में भी किया है ।

भिवानी जिले का एक छोटा-सा गांव बलाली कुश्ती के लिए जाना जाता है -
हरियाणा के भिवानी जिलान्तर्गत एक ऐसा गांव भी है जहां पहुंचकर लोग भूल जाते हैं कि अखाड़े और पहलवानी सिर्फ पुरुष ही करते हैं। भिवानी जिले का एक छोटा-सा गांव बलाली। यहां गांव के बाहर एक 'बड़े एंट्री' गेट पर लिखा है- इंटरनेशनल महिला पहलवान गीता, बबीता, रितु के गांव बलाली में आपका स्वागत है ।शुरुआत में हालत अच्छे नहीं थे पर जैसे -जैसे गांव की बेटियों ने सोना और कांश्य जीतकर लाया अब सुबह शम्म भारी संख्या में लडकियां ाखडे के मैदान पर प्रैक्टिस के लिए जमा हो जाती है ।