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ऑस्ट्रेलिया में महिला फुटबॉलरों के आए अच्छे दिन,जबकि क्रिकेटरों ने वेतन को लेकर लड़ी है लम्बी लड़ाई

डब्ल्यू-लीग की पेशेवर महिला फुटबाल खिलाड़ियों के वेतन में ऐतिहासिक बढ़ोतरी होने जा रही है। इस बात की जानकारी सोमवार को दी गई।

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नई दिल्ली ।इस साल के जुलाई माह में जहां एक तरफ आस्ट्रेलिया के महिला और पुरुष क्रिकेटरों को अपने वेतनमान को लेकर बोर्ड के सदस्यों से आर पार की लड़ाई लड़नी पड़ी थी, वहीं दूसरी तरफ की डब्ल्यू-लीग की पेशेवर महिला फुटबाल खिलाड़ियों के वेतन में ऐतिहासिक बढ़ोतरी होने जा रही है। इस बात की जानकारी सोमवार को दी गई।

सोमवार को वेतनमान में वृद्धि हुई -
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, आस्ट्रेलिया फुटबाल महासंघ (एफएफए), द डब्ल्यू-लीग, पेशेवर फुटबॉलर्स आस्ट्रेलिया (पीएफए) ने सोमवार को नए अनुबंध सीबीए की घोषणा की, जिसके तहत हर खिलाड़ी को 2017-18 से आठ हजार डालर की राशि मिलेगी।

नए सीबीए के अनुसार डब्ल्यू- लीग क्लबों द्वारा खत्म की जाने वाली राशि अब तीन गुना से ज्यादा होगी। हर क्लब की आधार कीमत को 40,000 से बढ़ाकर 1,45,000 डालर प्रति सीजन कर दिया गया है।

डब्ल्यू-लीग के लिए खत्म की जाने वाली न्यूनतम राशि को 3,62,000 से बढ़ाकर 13 लाख डालर कर दिया गया है।

देश की शीर्ष महिला फुटबाल खिलाड़ी जो डब्ल्यू-लीग, अन्य देशों की लीग और अपनी राष्ट्रीय टीम के लिए खेलती हैं, वह अब 104,000 डालर प्रति वर्ष पाएंगी।

एफएफए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डेविड गालोप ने एक बयान में कहा कि यह अनुबंध देश में महिला खिलाड़ियों के लिए बड़ी बात है।

उन्होंने कहा, "यह आस्ट्रेलिया में पेशेवर महिला फुटबाल में एक नए युग की शुरुआत है।"

उन्होंने कहा, "डब्ल्यू-लीग खिलाड़ी इसकी हकदार थीं।"

क्रिकेटरों ने वेतन के लिए बोर्ड से लड़ी आर-पार की लड़ाई -
आपको बता दें कि इसी साल के जुलाई माह में बोर्ड और खिलाड़ियों के बीच यह विवाद वेतन को लेकर हुआ। बोर्ड द्वारा निर्धारित वेतन से खिलाड़ी संतुष्ट नहीं थे और खिलाड़ियों के प्रस्ताव को बोर्ड पहले ही अस्वीकार कर चुका था ।

क्या चाहते थे खिलाड़ी?

1998 में टिम मे एक समझौता ज्ञापन के तहत रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल लाए थे, जिसके आधार पर पिछले 19 सालों से खिलाड़ियों को भुगतान किया जा रहा था। पहले मॉडल के हिसाब बोर्ड के रेवेन्यू का एक निर्धारित हिस्सा (फिलहाल 26%) अंतरराष्ट्रीय और घरेलू खिलाड़ियों के बीच बांटा जाता था। कोई सालाना मान निर्धारित नहीं था।

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का पक्ष-
बोर्ड खेल के जमीनी स्तर पर निवेश बढ़ाना चाहता है, इसलिए वह चाहता है कि शीर्ष खिलाड़ियों की सैलरी पहले से तय हो।शुरुआत में बोर्ड का कहना था कि अतिरिक्त रेवेन्यू का हिस्सा सिर्फ शीर्ष 20 खिलाड़ियों को ही दिया जाए, जबकि अन्य खिलाड़ियों को निर्धारित सैलरी पर ही संतुष्ट होना पड़ेगा। साथ ही, बोर्ड ने रेवेन्यू शेयरिंग समझौते से घरेलू क्रिकेटरों को दूर रखने का प्रस्ताव रखा था। बोर्ड का मानना था कि वे बोर्ड की कमाई में कोई योगदान नहीं करते।

12 दिसंबर को बोर्ड ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर्स असोसिएशन (ACA) और खिलाड़ियों को अपनी विस्तृत योजना भेजी, जिसके तहत घरेलू क्रिकेटरों को तयशुदा भुगतान किया जाए और मुनाफे का हिस्सेदार (20 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर) सिर्फ अंतरराष्ट्रीय पुरुष खिलाड़ियों को ही रखने का प्रस्ताव दिया गया। असोसिएशन ने इसे अस्वीकार करते हुए कहा कि यह प्रस्ताव ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में घरेलू क्रिकेटरों के योगदान को नकारता है और साथ ही रेवेन्यू में महिला क्रिकेटरों की हिस्सेदारी के भी खिलाफ है।

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