Pele Passed Away: महान फुटबॉलर पेले का निधन हो गया है। पेले ने 82 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। उनकी बेटी ने उनके निधन के जानकारी सोशल मीडिया पर दी। पेले पेट के कैंसर से जूझ रहे थे। उनके निधन से फुटबॉल जगत शोक में डूब गया है।
Pele Passed Away: फुटबॉल के जादूगर पेले नहीं रहे। ब्राजील के महान फुटबॉलर पेले का गुरुवार देर 82 साल की उम्र में निधन हो गया। उनकी बेटी कैली नैसिमेंटो ने सोशल मीडिया पर उनके निधन की जानकारी दी। पेले पेट के कैंसर से जूझ रहे थे। उन्हें 29 नवंबर को साओ पाउलो के अल्बर्ट आइंस्टीन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कीमोथेरेपी के जरिए उनका ट्रीटमेंट किया गया। लेकिन, उन्हें कोई फायदा नहीं हो रहा था। इसके बाद कीमोथेरेपी बंद कर उन्हें दर्द कम करने की दवाइयां दी जाने लगीं। उन्हें किडनी और कार्डियक डिसफंक्शन भी था। पेले को गैसोलिना, द ब्लैक पर्ल और ओ री (द किंग) जैसे कई निक नेम से जाना जाता था। पेले का पूरा नाम एडसन अरांतेस डो नैसिमेंटो था। उन्हें दुनिया ने अब तक के सबसे महान फुटबॉलर के रूप में जाना जाता था। पेले तीन बार विश्व कप जीतने वाले एकमात्र खिलाड़ी हैं, जिन्होंने 1958, 1962 और 1970 में खेल की सबसे प्रतिष्ठित ट्रॉफी फीफा वर्ल्ड कप जीता था।
एक महीने से हॉस्पिटल में भर्ती थे पेले
82 वर्षीय पेले का ब्राजील के साओ पाउलो में एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह कैंसर से संबंधित जटिलताओं से जूझ रहे थे और लगभग एक महीने भर्ती रहने के बाद अंतिम सांस ली। सितंबर 2021 में उनकी बड़ी आंत में बने ट्यूमर को ऑपरेशन कर हटा दिया गया था। न तो उनके परिवार और न ही डॉक्टरों ने समझा कि यह अन्य अंगों में भी फैल गया है। उनका इस समय 'किडनी और कार्डियक डिसफंक्शन' से संबंधित इलाज चल रहा था।
1999 में एथलीट ऑफ द सेंचुरी चुने गए पेले
फीफा ने पेले को 'महानतम' का लेबल, 1999 में अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति द्वारा 'एथलीट ऑफ द सेंचुरी' का नाम दिया गया और टाइम मैगजीन की 20वीं सदी के 100 सबसे महत्वपूर्ण लोगों की सूची में शामिल पेले को 2000 में विश्व खिलाड़ी का वोट दिया गया था। वह इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ फुटबॉल हिस्ट्री एंड स्टैटिस्टिक्स द्वारा सेंचुरी और फीफा प्लेयर ऑफ द सेंचुरी अवार्ड के दो संयुक्त विजेताओं में से एक थे।
पेले के सामने फाउल करना ही एकमात्र विकल्प
लेकिन दुनिया भर में खेल के लाखों प्रशंसकों के लिए पेले पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने फुटबॉल को 'सुंदर खेल' बनाया। वह विश्व फुटबॉल के मूल नंबर 10 थे, एक नंबर जो अब लियोनेल मेसी और काइलियन एम्बाप द्वारा खेला जाता है। वह प्रतिभा के साथ खेल खेलने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ी थे और इतने अजेय थे कि कई डिफेंडरों के सामने उन्हें फाउल करना ही एकमात्र विकल्प था। उनके निधन पर खेल जगत में शोक की लहर छाई है।