25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

स्पेन हर हाल में Lionel Messi को अपनी टीम में चाहता था, लेकिन उन्होंने चुनी अपनी जन्मभूमि, जानें एक ‘VHS टेप’ की पूरी कहानी

Lionel Messi choose Argentina over Spain: स्पेन लियोनल मेसी को अपनी राष्ट्रीय टीम से खिलाना चाहता था। जानिए कैसे एक 'VHS टेप' और 'अर्जेंटीनोस जूनियर्स स्टेडियम' में जल्दबाजी में हुए एक मैच ने मेसी को हमेशा के लिए अर्जेंटीना का बना दिया।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Anshika Verma

•

Updated: 17 Jul 2026, 10:33 AM IST

Lionel Messi Argentina debut, Messi choose Argentina over Spain,

लियोनल मेसी बार्सिलोना टीम के लिए खेलते हुए (Photo - The Barcelona Community)

Lionel Messi choose Argentina over Spain: लियोनल मेसी अर्जेंटीना के कप्तान के रूप में अपना तीसरा फीफा वर्ल्ड कप फाइनल खेलने जा रहे हैं। उनकी कप्तानी में टीम 2014 और 2022 के फाइनल में पहुंची थी, जिसमें 2022 में उन्होंने खिताब भी जीता। अब वे लगातार दूसरे वर्ल्ड कप फाइनल में स्पेन के खिलाफ अपना खिताब बचाने उतरेंगे। लेकिन, बहुत कम फैंस यह बात जानते हैं कि मेसी स्पेन की नेशनल टीम के लिए भी खेल सकते थे, जहां उन्होंने साल 2000 से 2021 तक का लंबा समय बिताया था। स्पेन की टीम उन्हें हर हाल में अपनी तरफ से खिलाना चाहती थी, लेकिन मेसी ने अपनी जन्मभूमि अर्जेंटीना को चुना।

एक 'VHS टेप' से शुरू हुई कहानी

साल 2002 में अर्जेंटीना के तत्कालीन कोच मार्सेलो बिएल्सा और उनके असिस्टेंट क्लाउडियो विवास एक दौरे पर बार्सिलोना आए थे। उस समय लियोनल मेसी के एक प्रतिनिधि होरासियो गगिओलो ने विवास को मेसी के शानदार खेल का एक 'VHS टेप' दिया। गगिओलो ने बताया कि स्पेन मेसी को अपनी टीम में लाने की पूरी कोशिश कर रहा था। विवास ने वह वीडियो बिएल्सा को दिखाया। वीडियो में मेसी की फुर्ती देखकर बिएल्सा इतने हैरान हुए कि उन्होंने कहा, 'इसे नॉर्मल स्पीड में चलाओ।' विवास ने जवाब दिया, 'यह नॉर्मल स्पीड ही है, यह बच्चा वाकई अद्भुत है।'

एक शेफ की चुभने वाली बात

2003 के अंडर-17 वर्ल्ड कप के लिए अर्जेंटीना के यूथ कोच ह्यूगो टोकाली ने मेसी को टीम में नहीं चुना था, क्योंकि तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में स्पेन ने अर्जेंटीना को हरा दिया। मैच के बाद स्पेनिश टीम के एक शेफ ने टोकाली से कहा, 'अगर आप बार्सिलोना वाले उस लड़के को ले आते, तो आपकी टीम पक्का चैंपियन होती।' इस एक बात ने टोकाली को अंदर तक झकझोर दिया और उनकी रातों की नींद उड़ गई।

स्टेडियम में जल्दबाजी में कराया गया डेब्यू

अर्जेंटीना वापस लौटते ही टोकाली ने तुरंत मेसी को टीम में शामिल करने का मिशन शुरू कर दिया। मेसी को आधिकारिक तौर पर अर्जेंटीना का खिलाड़ी बनाने के लिए 'अर्जेंटीनोस जूनियर्स स्टेडियम' (Argentinos Juniors' stadium) में पराग्वे के खिलाफ आनन-फानन में एक फ्रेंडली मैच रखा गया। इस मैच को फीफा की मान्यता दिलाने के लिए जल्दबाजी में अर्जेंटीना के ही एक रेफरी, गेब्रियल ब्रेजेनास को 'फीफा फॉर्म' देकर मैदान में उतार दिया गया। मेसी दूसरे हाफ में मैदान पर आए और अपनी ड्रिबलिंग से सबको हैरान कर दिया।

अगर मेसी स्पेन चुनते, तो शायद 2008 से 2012 के बीच स्पेन के सुनहरे दौर का हिस्सा होते, जब उन्होंने दो यूरो और एक वर्ल्ड कप जीता था। लेकिन मेसी का फैसला हमेशा से बिल्कुल साफ था, उन्हें सिर्फ और सिर्फ अर्जेंटीना और बार्सिलोना के लिए खेलना था।

बड़ी खबरें

View All

फुटबॉल

खेल

ट्रेंडिंग