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FIFA का यह अजीबो गरीब नियम बना खिलाड़ियों के लिए मुसीबत, बहस के दौरान मुंह ढकने पर मिगुएल अल्मिरोन को मिला रेड कार्ड

पराग्वे के फॉरवर्ड इसिद्रो पिटा पर हुए एक फाउल के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ी आमने-सामने हो गए और तीखी बहस छिड़ गई। इसी बीच पैराग्वे के मिगुएल अल्मिरोन तुर्की के डिफेंडर मेर्ट मुल्डुर से बात करते नजर आए। फुटेज में साफ दिखा कि अल्मिरोन ने अपना मुंह हाथ से ढककर कुछ कहा।

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भारत

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Siddharth Rai

Jun 20, 2026

FIFA world Cup 2026

पराग्वे के स्टार मिडफील्डर मिगुएल अल्मिरोन को रेड कार्ड मिला (Photo - FIFA)

Miguel Almiron, Red card, FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप डी के दूसरे राउंड का मुक़ाबला तुर्की और पैराग्वे के बीच खेला गया। इस मैच में पैराग्वे के स्टार मिडफील्डर मिगुएल अल्मिरोन को फीफा के नए ‘माउथ-कवरिंग’ नियम के तहत रेड कार्ड दिखाया गया। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही यह अजीबो गरीब नियम चर्चा का विषय बना हुआ था।

क्या है 'माउथ-कवरिंग' रूल

मैच के दौरान खिलाड़ी अक्सर बातचीत करते समय अपने मुंह को हाथ, जर्सी या किसी अन्य चीज से ढक लेते हैं। इसका एक उद्देश्य रणनीति को विरोधी टीम से छिपाना होता है, लेकिन कई बार खिलाड़ी इस दौरान गालियां या आपत्तिजनक कमेंट्स भी करते हैं। इन्हें पकड़ना पहले बहुत मुश्किल था। इसी समस्या को देखते हुए फीफा ने नया नियम बनाया है कि अगर कोई खिलाड़ी बात करते हुए मुंह ढकता नजर आए, तो उसे सीधा रेड कार्ड दिया जाएगा। मिगुएल अल्मिरोन इस नियम के पहले शिकार बने हैं।

IFAB के नियम 12 में गाली-गलौज और अपमानजनक व्यवहार के लिए पहले से ही सख्त सजा का प्रावधान है। लेकिन मुंह छिपाकर की गई टिप्पणियों को पकड़ना मुश्किल होता था। नया नियम इसी को रोकने के लिए लाया गया है। रेफरी अब खिलाड़ियों की बॉडी लैंग्वेज, रिएक्शन और पूरे माहौल को देखकर फैसला ले सकेंगे। हल्की-फुल्की बातचीत पर कोई कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन मुंह छिपाकर बात करने पर सीधा रेड कार्ड मिलेगा।

नियम कैसे आया?

यह नियम फरवरी में चैंपियंस लीग के एक मैच के विवाद के बाद लागू किया गया। बेनफिका के युवा खिलाड़ी जियानलुका प्रेस्टीआन्नी पर रियल मैड्रिड के विनीसियस जूनियर के साथ बदतमीजी और होमोफोबिक कमेंट्स का आरोप लगा था। विनीसियस ने रेसिज्म का भी आरोप लगाया, जिसका किलियन एम्बाप्पे ने समर्थन किया। जांच में आरोप साबित होने के बाद प्रेस्टीआन्नी को 6 मैचों का प्रतिबंध झेलना पड़ा। इस घटना के बाद फीफा ने नियम को दुनिया भर में लागू करने का फैसला किया।

इससे पहले मार्च 2021 में स्लाविया प्राग के ओंद्रेज कुदेला पर रेंजर्स के ग्लेन कामारा के साथ नस्लीय टिप्पणी करने का मामला सामने आया था। कुदेला ने मुंह ढककर कमेंट किया था और उन्हें 10 मैचों का प्रतिबंध मिला था। फुटबॉल में रेसिज्म और होमोफोबिया अब बर्दाश्त नहीं किया जा रहा है। फीफा और यूईएफए दोनों ही इस दिशा में सख्ती बढ़ा रहे हैं। अल्मिरोन का केस इस नई शुरुआत का साफ संकेत है। अब खिलाड़ियों को हर शब्द सोच-समझकर बोलना होगा, क्योंकि मुंह छिपाने का रास्ता भी बंद हो गया है।

कैसे शुरू हुआ विवाद

सैन फ्रांसिस्को बे एरिया स्टेडियम में खेले जा रहे मुकाबले के पहले हाफ के अंतिम मिनटों में अचानक विवाद भड़क उठा। पराग्वे के फॉरवर्ड इसिद्रो पिटा पर हुए एक फाउल के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ी आमने-सामने हो गए और तीखी बहस छिड़ गई। इसी बीच पैराग्वे के मिगुएल अल्मिरोन तुर्की के डिफेंडर मेर्ट मुल्डुर से बात करते नजर आए। फुटेज में साफ दिखा कि अल्मिरोन ने अपना मुंह हाथ से ढककर कुछ कहा। मुल्डुर ने तुरंत इसकी शिकायत मैच अधिकारियों से की, जिसके बाद VAR ने हस्तक्षेप किया। रेफरी इवान बार्टन पिचसाइड मॉनिटर पर वीडियो चेक करने के बाद बिना किसी हिचकिचाहट के अल्मिरोन को सीधा लाल कार्ड दिखा दिया। इस फैसले ने न सिर्फ़ खिलाड़ियों को, बल्कि पूरे स्टेडियम को हैरान कर दिया।

मैच का हाल

मैच की शुरुआत बेहद धमाकेदार रही। सिर्फ 65 सेकंड में मातियास गालार्जा ने शानदार गोल कर पैराग्वे को 1-0 की बढ़त दिला दी। पहले हाफ के अंतिम मिनटों में अल्मिरोन को रेड कार्ड मिलने के बावजूद पैराग्वे के बाकी खिलाड़ियों ने शानदार डिफेंस किया और 1-0 की मामूली बढ़त को अंत तक बचाए रखा। इस जीत के साथ पैराग्वे ने तुर्की को विश्व कप से बाहर कर दिया।