
नई दिल्ली। भारत में पहली बार आयोजित हो रहे फीफा अंडर 17 विश्व कप में आयोजकों को तब शर्मसार होना पड़ा, जब आयोजन समिति के ही तीन वालंटियर टिकटों की कालाबाजारी करते पकड़े गए। मामला फुटबाल के प्रति अपनी दिवानगी के लिए मशहूर कोलकाता का है। यहां फीफा के मैचों का आयोजन साल्टलेक स्टेडियम में हो रहा है। जहां पर पुलिस ने स्थानीय आयोजन समिति के तीन वालंटियरों के साथ-साथ सात लोगों को टिकट ब्लैक करते पकड़ा। मामला के प्रकाश में आने के बाद टूर्नामेंट के निदेशक जेवियर सेप्पी ने कहा कि हमें इस तरह की घटनाएं पसंद नहीं हैं। हम ऐसी घटनाओं से बचने के लिए काफी कड़ी मेहनत कर रहे हैं। निजी तौर पर इससे बहुत तकलीफ हुई।
नशे में भी पाए गए कुछ लोग
शनिवार को विवेकानंद युवा भारतीय क्रीड़ांगन में न्यू कैलेडोनिया व जापान के ग्रुप ई के एक मैच के दौरान बिधाननगर पुलिस ने तीनों वालंटियर सहित सात व्यक्तियों को ब्लैक में टिकट बेचते हुए पकड़ा। कुछ लोगों को हिरासत में लेते वक्त कथित तौर पर नशे में पाया गया।
पुलिस को जरुरी काम करने का निर्देश
परियोजना निदेशक जॉय भट्टाचार्य ने कहा, "हमें पुलिस से इस घटना के बारे में पता चला। हमारे लिए पहली चीज यह थी कि हम स्थिति का पता लगाना चाहते थे और यह बहुत स्पष्ट लग रहा था कि उनके खिलाफ जो कुछ भी था, वह सूचना के अनुरूप था। हमने अपने हिसाब से जरूरी कदम उठाए और पुलिस को उनके हिसाब से जरूरी कदम उठाने को कहा।
मान्यता की गई रद्द
उन्होंने कहा, "अपनी तरफ से हमने उनकी मान्यता रद्द कर दी और उनकी वर्दी भी ले ली। जब एक-दो लोग ऐसा काम करते हैं, तब वे 250 अन्य वालंटियरों के बेहतरीन काम को भी बरबाद कर देते हैं। बता दें कि बंगाल में फुटबाल के प्रति दिवानगी काफी ज्यादा है। लिहाजा यहां लोग किसी भी तरह से मैच को देखना चाहते हैं।
Published on:
16 Oct 2017 10:17 am
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