
Smart Device का उपयोग तेजी से बढ़ने के साथ उपभोक्ता अधिकारों का भी हनन हो रहा है। उपभोक्ता यह नहीं जानते कि कहां शिकायत करें। ऐसे में उपभोक्ता का सतर्क रहना बेहद जरूरी है। उदाहरण के तौर पर आपके घर के स्मार्ट टीवी आपके निजी पलों को कैप्चर करके दूसरी जगह ट्रांसफर कर सकते हैं। इसी प्रकार पर्सनल असिस्टेंस के लिए अक्सर काम में लिए जाने वाले आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से भी चलने वाले विभिन्न उपकरण आपकी सूचनाएं सतत रूप से आगे भेजते रहते हैं।
मोबाइल भी एआइ की मदद से हमारी रुचि और जरूरत की सूचनाएं न सिर्फ मार्केटिंग के लिए आगे भेजते हैं बल्कि उनके जरिए मोबाइल पर स्टोर फोटो, वीडियो व डेेटा भी लीक होता है, जिसका गलत इस्तेमाल होने की आशंका बनी रहती है। यह सभी उपभोक्ताओं के मूलभूत अधिकारों का हनन है।
उपभोक्ता क्या करें
अनावश्यक ऐप्स को इंस्टॉल न करें। स्मार्ट टीवी व लैपटॉप में लगे कैमरों को ऑफ रखें और उस पर ब्लैक टेप लगा कर रखें। डेटा सुरक्षा में सेंध होने की स्थिति में तुरंत ऑनलाइन या ऑफलाइन शिकायत करें। डिवाइस के उपयोग से पहले उसके ब्रोशर व उपयोग की पूरी तकनीकी जानकारी प्राप्त करें। आपराधिक दुरुपयोग की स्थिति में पुलिस में शिकायत की जा सकती है और साइबर थाने में भी रिपोर्ट दर्ज करवाई जा सकती है। उपभोक्ता क्षतिपूर्ति के लिए उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर करवा सकते हैं।
डॉ. अनन्त शर्मा
नेशनल चेयरमैन, कंज्यूमर कॉन्फेडरेशन
Published on:
12 Jun 2023 10:36 am
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