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नौकरी लगाने के नाम पर झांसा देकर ऐंठे 26 लाख, एक पूर्व मंत्री का निज सहायक रह चुका है गिरफ्तार आरोपी

Gariaband crime news : नौकरी दिलाने के नाम पर गरियाबंद जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में ठगी का कारोबार चल रहा है। पीडि़त व्यक्ति पुलिस में शिकायत करके अपना पैसा वापस मांग रहे हैं लेकिन ठग इतने शातिर हैं कि वे पीडि़त को बातों में फंसा कर उसका शोषण करने लगते हैं। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है।

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नौकरी लगाने के नाम पर झांसा देकर ऐंठे 26 लाख, एक पूर्व मंत्री का निज सहायक रह चुका है गिरफ्तार आरोपी

आरोपी

गरियाबंद. Gariaband crime news : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर क्षेत्र में नौकरी लगाने का झांसा देकर लाखों रुपए की ठगी करने वाले दो आरोपियों को जेल भेजा गया है। इनमें से एक गरियाबंद में पशु चिकित्सा विभाग में पदस्थ असिस्टेंड सर्जन वेटनरी सुधीर पंचभाई भी शामिल हैं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार डाटा एंट्री ऑपरेटर की नौकरी लगाने का झांसा देकर 26 लाख रुपए की ठगी को अंजाम देने के मामले में आरोपी नित्यानंद रजवाड़े, सहआरोपी सुधीर पंचभाई के खिलाफ पुलिस ने 420 का अपराध पंजीबद्ध किया था। इस मामले में विलंब से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में दोनों आरोपी जेल में हैं।

इस संबंध में शिकायतकर्ता मनोज कुमार रजवाड़े ने बताया कि डाटा एंट्री की नौकरी लगाने के नाम पर 26 लाख रुपए की राशि दोनों ने वसूल किया था। इस मामले में लगभग 20 दिन पूर्व अंबिकापुर रेंज से कुछ पुलिस अधिकारियों की टीम गरियाबंद जिले में मुआयना कर रही थी और सुधीर पंचभाई के बारे पतासाजी कर गरियाबंद से गिरफ्तारी की गई। इसकी सूचना पशु चिकत्सा विभाग के वरिष्ट अधिकारियों को भी दी गई। उल्लेखनीय है कि सुधीर पंचभाई प्रतिनियुक्ति में गरियाबंद जिला पंचायत में काफी समय तक विभिन्न पद पर पदस्थ रहे हैं। चूंकि सुधीर पंचभाई भाजपा, कांग्रेस व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कार्य कर चुके हैं। सहायक वं एसडीकेपी दायित्व पर रहे हैं, जिसके चलते पूरे जिले के विभागों में इनकी अच्छी खासी पकड़ थी।

अपने खाते में ही रुपए ट्रांसफर करवाये

बताया जाता है कि एक गरीब किसान की बेटी और चंदन व लालजी पैंकरा से नौकरी लगाने का झांसा देकर ठगी को अंजाम दिया गया था। पूर्व शासन काल के मंत्री के पीएसओ और निज सहायक रहते दोनों ने रुपए लेकर भरोसा दिलाया था कि डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद नौकरी लग जाएगी। बाकायदा सुधीर पंचभाई ने अपने खाते में ही रुपए ट्रांसफर करवाये थे। इन दोनों आरोपियों द्वारा नौकरी लगाने के नाम पर राशि तो ले ली गई, किन्तु नौकरी नहीं लगवा पाए।