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कोरोना की वजह से भगवान राम की मां कौशल्या की जन्मतिथि का नहीं हुआ खुलासा

राजा दशरथ की पत्नी और भगवान राम की माता कौशल्या (Birth Date of Mata Kaushalya) की जन्मतिथि आखिर कौन नहीं जानना चाहेगा। सही जन्म तिथि बनाने वाले को 11 लाख रुपए का इनाम दिया जाना तय था।

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रायपुर. राजा दशरथ की पत्नी और भगवान राम की माता कौशल्या (Birth Date of Mata Kaushalya) की जन्मतिथि आखिर कौन नहीं जानना चाहेगा। सही जन्म तिथि बनाने वाले को 11 लाख रुपए का इनाम दिया जाना तय था। देशभर के विद्वानों, संतों और ज्योतिषियों ने प्रविष्टियां भी भेजी थी। फैसला होना था रामनवमी के दिन दूधाधारी मठ में होने वाले संत समागम में, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन हो गया और आयोजन स्थगित करना पड़ा।

दरअसल, माता कौशल्या की जन्मतिथि का रहस्य सुलझाने के लिए छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध दूधाधारी मठ ने नवंबर में अनोखी स्पर्धा की घोषणा की थी। मठ ने देश भर के विद्वानों से प्रविष्टियां मंगवाते हुए सही जन्मतिथि बताने वाले को 11 लाख रुपए का इनाम देना भी तय किया था।

बड़ी संख्या में प्रविष्टियां आईं, लेकिन इससे पहले कि लिफाफे खोले जाते, ई-मेल पढ़े जाते कोरोना वायरस ने दस्तक दे दी। लॉकडाउन के चलते सभी धार्मिक, सामाजिक आयोजनों पर रोक लग गई। नतीजा यह हुआ कि संत समागम स्थगित करना पड़ा।

अब जो भी होगा, कोरोना के बाद
दूधाधारी मठ के महंत डॉ रामसुंदर दास कहते हैं कि राम और कृष्ण जन्मोत्सव की तरह कौशल्या जन्मोत्सव का विचार मन में कौंधा। वैसे तो इस संबंध में किसी न किसी ग्रंथ में, कहीं न कहीं कोई उल्लेख होगा, लेकिन नहीं भी है तो क्या निर्धारण नहीं किया जा सकता। इसी दिशा में यह एक प्रयास है।

संत समागम का उद्देश्य सभी शंकराचार्य, मठों के विद्वानों और बुद्धजीवियों को सर्वसम्मति से एक तिथि पर एकत्रित करना है। अब प्रयास होगा कि अगले साल रामनवमी के अवसर पर आयोजन हो सके। इस साल कई प्रविष्टियां यहां तक कि ई-मेल से भी कई विद्वानों ने अपने स्तर पर जानकारी भेजी थी, लेकिन कार्यक्रम नहीं हो पाया।