
15 सालों में नहीं बन पाई इस गांव की सड़क, न मिली जरूरी सुविधाएं, ग्रामीणों ने किया चुनाव बहिष्कार ऐलान
देवभोग. सडक़ बनाने तीन विधायकों से गुहार लगाई, लेकिन पिछले १५ साल से जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया। आज भी गांव तक पहुंचने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
वहीं, आज तक पक्की सडक़ के लिए तरसने को मजबूर हैं। ये कहते हुए कुम्हड़ईखुर्द पंचायत के आश्रित ग्राम भैरीगुड़ा के 400 ग्रामीणों ने एसडीएम निर्भय साहू के नाम आवेदन सौंपकर चुनाव बहिष्कार किए जाने का ऐलान किया है। ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपने के दौरान बताया कि जब शासन-प्रशासन के जिम्मेदारों को उनकी मांग पूरी करने में रुचि नहीं है, तो ऐसी सरकार चुनने का मतलब ही नहीं रह गया।
गांव के मोहन, रतने, रायधर, गायत्री का कहना है कि सडक़ नहीं होने से काफी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। ग्रामीणों की माने तो भैरीगुड़ा से लेकर करलागुड़ा तक सडक़ बनाए जाने की मांग कई बार कर चुके हैं, लेकिन आज तक जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया, जिसके चलते उनका गुस्सा दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है।
विधानसभा और लोकसभा चुनाव में नहीं डालेंगे वोट
ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपे गए आवेदन में जिक्र किया है कि यदि जिम्मेदारों ने सडक़ बनाने में जल्द ही उचित कदम नहीं उठाया, तो पूरे गांव के लोगों ने निर्णय लिया है कि विस और लोस चुनाव में अपना मत नहीं डालेंगे। ग्रामीणों की माने तो आजादी के बाद से यहां के ग्रामीण पक्की सडक़ को तरस रहे हैं, लेकिन आज तक उनकी मांगों पर किसी तरह का कोई विचार नहीं किया गया।
ग्रामीण बताते हैं कि लोक सुराज के साथ ही कई बार अधिकारियों को भी वस्तुस्थिति से अवगत करवाया गया। इसके बाद भी उचित कदम नहीं उठाए जाने से ग्रामीण बहुत ज्यादा असंतुष्ट है। वहीं ग्रामीणों ने गांव में हर जगह वोट बहिष्कार किए जाने का पोस्टर भी लगवा दिया है। ग्रामीण बताते हैं कि जो भी नेता वोट मांगने आएगा, पहले उससे विकास का मायना पूछा जाएगा।
तीन विधायकों से लगाई गुहार, स्थिति जस की तस
गांव के बेनुराम, चम्पकलाल, राजोराम ने बताया कि सडक़ बनाने के लिए पिछले 15 साल से कांग्रेस के पूर्व विधायक ओंकार शाह, भाजपा के पूर्व विधायक डमरूधर पुजारी, गोवर्धन सिंह मांझी से भी गुहार लगाई जा चुकी है। सभी जनप्रतिनिधियों को ग्रामीणों ने अपनी परेशानी बताते हुए बताया है कि उन्हें बरसात के दिनों में बहुत ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं स्थिति इतनी ज्यादा खराब है कि गांव तक एंबुलेंस भी नहीं पहुंच पाती। गांव से मुख्य सडक़ करलागुड़ा तक चारपहिया में लादकर ग्रामीण को लाना पड़ता है। इसके बाद ही चारपहिया वाहन या एंबुलेंस की व्यवस्था हो पाती है।
ग्राम पंचायत कुम्हड़ईखुद के सचिव अनंतराम नागेश ने बताया कि पहले वहां वर्ष 2007-08 में डब्लूबीएम सडक़ का निर्माण करवाया जा चुका है। निर्माण के दौरान कुछ किसानों ने जमीन नहीं दिया था, जिसके चलते सडक़ चौड़ी नहीं बन पाई थी। वहीं आवास के काम में लगे ट्रैक्टर रोड से होकर गुजर रहे थे, इसी दौरान सडक़ में कहीं गड्ढा बन गया है। उसे जल्द ही सुधार लिया जाएगा।
जनपद पंचायत देवभोग के सीईओ मोहनीश देवांगन ने बजाया कि भैरीगुड़ा के ग्रामीणों ने मुझे भी आवेदन सौंपा है। मैंने जांच के लिए एसडीओ आरईएस को निर्देंशित किया है। वहीं सचिव से भी जानकारी ली है। सचिव ने बताया कि डब्लूबीएम सडक़ का निर्माण वहां हो चुका है। वहीं सडक़ में कहीं गड्ढे बन गए हैं, उसे जल्द ही सुधार लिया जाएगा।
Published on:
13 Oct 2018 09:15 pm
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