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भारी बारिश में ढह गया गरीब का आशियाना, कपड़ों का घर बनाकर रहने को मजबूर ये परिवार

एक गरीब महिला के कच्ची मकान की दीवार ढह गई। इससे उन्हें भरी बरसात परिवार के सामने रहने की दिक्कत आ गई है।

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भारी बारिश में ढह गया गरीब का आशियाना, कपड़ों का घर बनाकर रहने को मजबूर ये परिवार

पाण्डुका. छत्तीसगढ़ के ग्राम सरकड़ा में एक गरीब महिला के कच्ची मकान की दीवार ढह गई। इससे उन्हें भरी बरसात परिवार के सामने रहने की दिक्कत आ गई है। ग्राम की सुखन्तिन बाई तालाब के पास छोटे से कच्ची मकान बनाकर रहती है।

बताया कि कुछ दिन पहले दो दिन से हो रही बारिश से घर के 8 इंच की दीवार ढह गई। सरपंच को मामले से अवगत कराया कराकर रहने के लिए व्यवस्था करने की बात कही गई। साथ ही मुआवजे की भी मांग की है। गौरतलब है कि सुखंतिन का परिवार बहुत ही गरीब और मजदूरी कर जैसे तैसे घर चल पाता है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से घर की मरम्मत नहीं करा पाते। ग्रामीणों ने भी सुखंतिन को पीएम आवास के तहत घर देने की मांग की है। सचिव उमा साहू ने कहा कि राजस्व विभाग द्वारा क्षतिपूर्ति राशि पटवारी के पास आवेदन करना पड़ेगा, तब कुछ राशि मिल सकती है।

नवापारा-राजिम. शनिवार की आधी रात से शुरू हुए बारिश रविवार की शाम तक होती रही। बारिश से एक ओर खेती किसानी का काम जोर पकड़ लिया हैं। वहीं मौसम भी खुशनुमा हो गया है। हरियाली की चादर ओढ़े इस बारिश काल में पर्यटन स्थल की ओर लोग दौड़े चले जा रहे हैं। मौसम विभाग के द्वारा दी गई चेतावनी के अनुसार आगामी 24

किसानों ने बताया कि धान की फसल के लिए यह बारिश वरदान है। बोआई का काम पूरा हो गया है। बारिश के बाद खाद डालने और निंदाई चलाई, रोपाई जैसे काम में गति आएगी। इन कामों के लिए किसान मजदूर ढूंढ रहे हैं। कृषि कार्य के शुरुआती दिनों में ही मजदूरों का टोटा शुरू हो गया हैं। रविवार की सुबह से ही झड़ी जैसा मौसम था। जिसके चलते कई दुकानें खुली भी नहीं जो खुली थी वहां भी ग्राहकी नहीं के समान थे।