फिंगेश्वर. जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम सिर्रीकला में तालाब गहरीकरण कार्य मे मनमानी पूर्वक बिना स्थल जांच के कार्य का मूल्यांकन किए जाने का मामला सामने आया है। जिसकी शिकायत के बाद भी जनपद पंचायत के अधिकारी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
विदित हो कि ग्राम पंचायत सिर्रीकला के मौहारी तालाब गहरीकरण के लिए मनरेगा योजना से 9 लाख रुपए स्वीकृत हुआ। जिसमें बीते 25 फरवरी से 15 मार्च तक मनरेगा के तहत गहरीकरण कार्य हुआ। इस दौरान तालाब की मिट्टी को तालाब के अंदर पार में फेंक दिया गया है। जिसके कारण तालाब के ओर बोल्डर से किया गया पिचिंग पचरी पूरी तरह पट गई है। शिकायतकर्ता रेखराम साहू, केवल राम, रोहित साह, लेखराम, सुकलाल, दिनेश, तोरण,भूपेंद्र, योगेश साह, मदन लाल साहू आदि ग्रामीणों ने बताया कि इस गहरीकरण कार्य के दौरान पंचायत में पदस्थ रोजगार सहायक व कार्य में लगे मजदूरों का हाजिरी भरने वाले मेट द्वारा तालाब में खोदे गए मिट्टी को तालाब के बाहर फेंकने के लिए कोई निर्देश नहीं दिया गया। लिहाजा तालाब के अंदर पार में मिट्टी फेंक दिए जाने के कारण तालाब का रकबा कम हो गया है। वहीं, पूर्व में बने पचरी और बोल्डर से किया गया पिचिंग भी पूरी तरह मिट्टी से दब गया है। इन सबके बावजूद मनरेगा शाखा के इंजीनियर द्वारा बिना स्थल जांच के तालाब गहरीकरण कार्य का मूल्यांकन कर दिया गया है। शिकायत के बाद भी जनपद के अधिकारी अब तक ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसी तरह ग्राम पंचायत में नया तालाब निर्माण के लिए मनरेगा के तहत राशि स्वीकृत हुई है। जिसे खेत जाने के आम रास्ते बनाया जा रहा हैं। नया तालाब खुदाई शुरू होने के पहले ही जनपद में शिकायत की गई है। जिस पर भी जनपद के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
इस संबंध में मुझे जानकारी नहीं है। जानकारी लेकर बता पाऊंगी।
रीना ध्रुव, कार्यक्रम अधिकारी