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हॉस्पिटल में डॉक्टर नहीं थे मौजूद तो नर्सों ने कराई महिला की डिलीवरी, लापरवाही से नवजात की मौत

डॉक्टर की अनुपस्थिति में नर्सों ने गर्भवती महिला की डिलीवरी कराई। ढाई घंटे बाद हुई डिलीवरी में नवजात मृत था। इसकी शिकायत थाने में की गई है।
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गरियाबंद

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Akanksha Agrawal

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Updated: 2 May 2019, 10:00 PM IST

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हॉस्पिटल में डॉक्टर नहीं थे मौजूद तो नर्सों ने कराई महिला की डिलीवरी, लापरवाही से नवजात की मौत

नवापारा-राजिम. अभनपुर में एक निजी अस्पताल की कथित लापरवाही के चलते एक नवजात की मौत होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। डॉक्टर की अनुपस्थिति में नर्सों ने गर्भवती महिला की डिलीवरी कराई। ढाई घंटे बाद हुई डिलीवरी में नवजात मृत था। इसकी शिकायत थाने में की गई है। अभनपुर पुलिस ने बच्चे की लाश को पोस्टमार्टम के लिए मेकाहारा भिजवा दिया। साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई करने की बात कही है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद होगी कार्रवाई: टीआई बोधन
अभनपुर टीआई बोधन साहू का कहना है कि नायकबांधा निवासी यशवंत साहू ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है कि डॉक्टर की गैरमौजूदगी में नर्सों ने झूठ बोलकर खुद ही डिलीवरी का प्रयास करते रहे, जिससे बच्चा मृत पैदा हुआ। शिकायत पर मर्ग कायम कर जांच में लिया गया है। फिलहाल बच्चे के शव का मेकाहारा से पोस्टमार्टम करवाया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद वास्तविकता सामने आएगी। जिसके बाद ही आगे कार्रवाई की जाएगी।

पेट में बच्चा सही-सलामत था : यशवंत
यशवंत ने अभनपुर थाने में अस्पताल प्रबंधन की शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि नर्सों ने उसकी पत्नी को भर्ती करने के कुछ देर बाद ही उसे बताया था कि पेट में मौजूद बच्चे की सांसें चल रही हैं और मूवमेंट बेहतर है। लेकिन मृत बच्चा बाहर आने पर अपने आप को बचाने की नीयत से पेट में ही बच्चे के मृत होने की बात कह रहे हैं। यशवंत की बात को उसके गांव की मितानिन उत्तरा साहू भी सही बता रही हैं। जो डिलीवरी के समय अस्पताल में मौजूद थी।

हालत बिगडऩे के बाद भी नहीं किया गर्भवती महिला को रेफर
मिली जानकारी के मुताबिक अभनपुर से लगे ग्राम नायकबांधा के यशवंत साहू की गर्भवती पत्नी अंजू साहू को शुक्रवार रात दो बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इस पर यशवंत ने ग्राम के एक व्यक्ति की चारपहिया गाड़ी में पत्नी को लेकर नायकबांधा-अभनपुर मार्ग पर स्थित कर्मा अस्पताल ले गया। अस्पताल में मौजूद 3 अनुभवहीन नर्सों ने उससे डॉक्टर के मौजूद होने की झूठी बात बोलकर उसकी पत्नी को पहले तो अस्पताल में भर्ती किया, फिर खुद ही डिलीवरी कराने लगीं। बीच-बीच में नर्सें फोन पर डॉक्टर से बात करते हुए मार्गदर्शन ले रही थीं। यह देखकर यशवंत ने अपनी पत्नी को रेफर करने कहा। लेकिन नर्सों ने उसकी बात नहीं सुनी और खुद ही कोशिश करती रहीं। ढाई घंटे बाद किसी तरह डिलीवरी हुई तो बच्चा मृत था।

पेट में ही मृत हो चुका था नवजात : डॉ. जायसवाल
यशवंत की शिकायत पर अभनपुर पुलिस ने बच्चे की लाश को पोस्टमार्टम के लिए मेकाहारा भिजवाया और रिपोर्ट आने के बाद वास्तविकता सामने आने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन के डॉ.जायसवाल का कहना है कि वास्तव में बच्चा अंजू के पेट में ही मृत हो चुका था। तात्कालिक आक्रोश के चलते यशवंत और उसके परिजन बेवजह का आरोप लगा रहे हैं।

अंत तक नहीं पहुंचे डॉक्टर : उतरा
मितानिन उत्तरा साहू ने बताया कि अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। नर्सों ने खुद ही डिलीवरी का प्रयास किया और लगातार डॉक्टर से फोन पर निर्देश लेते रहे। लेकिन डॉक्टर अंत तक नहीं पहुंचे। बच्चा जब पैदा हुआ तो मृत अवस्था में था। अब अस्पताल प्रबंधन कह रहा है कि बच्चा पेट में ही मृत हो चुका था, जबकि नर्सों ने पहले ही बता दिया था कि पेट में मौजूद बच्चे की सांसें चल रही हैं। सबकुछ ठीक है।

दोषियों के खिलाफ हो कार्रवाई
यशवंत ने बताया कि नर्सों के हावभाव को देखकर उसने कहा भी कि उसकी पत्नी को रिफर कर दें, लेकिन उन्होंने उसे झिडक़ दिया। इतना ही नहीं, उसकी पत्नी ने भी परेशान होकर जब नर्सों को ऑपरेशन कर बच्चा बाहर निकालने का निवेदन किया तो उसे भी चिल्लाते हुए नर्सों ने कहा कि 40-50 हजार रुपए लगेंगे। इतना पैसा कहां से लाएगी। यशवंत ने आगे कहा कि उसके बच्चे की मौत के जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध वह कार्रवाई चाहता है। इसलिए उसने पुलिस में शिकायत की है। ताकि भविष्य में फिर किसी को अपना बच्चा न खोना पड़े।

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