
Chhattisgarh News(photo-patrika)
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से एक बड़ी और चिंताजनक घटना सामने आई है। उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इस दौरान उपनिदेशक वरुण जैन के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। घटना उदंती अभ्यारण्य के कोर जोन अंतर्गत सीतानदी रेंज के जैतपुरी गांव की बताई जा रही है, जहां वन विभाग लंबे समय से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चला रहा है।
जानकारी के अनुसार, उदंती अभ्यारण्य प्रशासन ने हाल ही में कोर जोन क्षेत्र में अवैध कब्जों को हटाने के लिए अभियान शुरू किया था। जैतपुरी गांव में करीब 166 परिवारों के खिलाफ वन भूमि पर अतिक्रमण करने का मामला दर्ज किया गया है। वन विभाग ने सभी संबंधित परिवारों के मुखियाओं पर वन अपराध के तहत प्रकरण भी कायम किया है।
इसी कार्रवाई की निगरानी और स्थिति का जायजा लेने के लिए उपनिदेशक वरुण जैन अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे थे। अधिकारियों के गांव पहुंचते ही कुछ ग्रामीण आक्रोशित हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया। ग्रामीणों की भीड़ ने वन विभाग की टीम को घेर लिया और जमकर विरोध करने लगे। इसी दौरान कुछ लोगों ने अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि उपनिदेशक वरुण जैन को भी भीड़ के बीच धक्का दिया गया। वन अमले ने तत्काल स्थिति संभालने की कोशिश की और पुलिस प्रशासन को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हालात को नियंत्रित किया गया।
घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ ग्रामीणों की तीखी झड़प हो रही है। वीडियो में कुछ लोग अधिकारियों को घेरकर धक्का-मुक्की करते नजर आ रहे हैं, जबकि वनकर्मी स्थिति को संभालने का प्रयास करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। घटना को लेकर उच्च अधिकारियों ने रिपोर्ट तलब की है।
उदंती सीतानदी अभ्यारण्य प्रदेश के महत्वपूर्ण वन्यजीव क्षेत्रों में से एक माना जाता है। यहां वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए कोर जोन में मानवीय गतिविधियों पर प्रतिबंध रहता है। बावजूद इसके, पिछले कुछ वर्षों में कई गांवों में वन भूमि पर अवैध कब्जे और खेती की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। वन विभाग का कहना है कि अतिक्रमण के कारण वन क्षेत्र और वन्यजीवों को नुकसान पहुंच रहा है, इसलिए नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
घटना के बाद जिला प्रशासन और वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। संवेदनशील स्थिति को देखते हुए जैतपुरी गांव और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग बिना उचित पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था के कार्रवाई कर रहा है, जिसके कारण लोगों में नाराजगी है।
फिलहाल पुलिस और वन विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हुए हैं। वीडियो फुटेज और मौके पर मौजूद कर्मचारियों के बयान के आधार पर हमले में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और अधिकारियों पर हमला करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
18 May 2026 03:34 pm
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