
बेवजह सड़कों पर घूमने ने 17 लोगों को खिलाई सलाखों की हवा
गया: ( Bihar News ) लॉक डाउन ( Lock Down News ) के बावजूद बेवजह सड़कों पर घूमना सलाखों की हवा खिला सकता है। पुलिस ने ऐसे लोगों को तगड़ा सबक सिखाया है। कोरोना ( Corona ) के निर्देशों को हल्के में लेना कुछ लोगों को महंगा पड़ गया। गया पुलिस ने इस मामले में सख्त रवैया अपनाया है। लॉक डाउन होने के बावजूद अपनी जान के साथ दूसरों की जाने खतरे में डालने के मामले में पुलिस ने 17 लोगों को ( Police arrested ) गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने यह कार्रवाई बेवजह सड़कों पर घूमने वालों के खिलाफ की है। पुलिस ने इस दौरान 47 दोपहिया और तीन पहिया, चार पहिया और ईरिक्शा को जब्त कर लिया। वाहन एक्ट के तहत अलग से साढ़े सात लाख रुपए का जुर्माना भी वसूला गया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि कोरोना को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले भी जेल जाने को तैयार रहे। पुलिस सख्त निगरानी कर रही है। ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
ट्रेन से आए 3 हजार की जांच
कोरोना को लेकर प्रशासन बेहद सतर्क और सक्रिय है। एसएसपी राजीव मिश्रा ने लोगों से अपील की है कि जिस तरह जनता कफ्र्यू के दिन लोगों ने सहयोग किया है उसी तरह के सहयोग की उम्मीद लॉकडाउन में भी वे लोग कर रहें हैं। इस बीच ट्रेन से आये 3 हजार से ज्यादा लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है वहीं सरकार द्वारा लॉकडाउन घोषित किये जाने के बाद आम लोगों से घर में ही रहने के अपील की जा रही है। जरूरत की सामग्री के लिए व्यवस्था की गयी है कि किसी को बेवजह घर से बाहर निकलने की जरूरी नहीं हैं।
23 संदिग्धों की रिपोर्ट निगेटिव
अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज के कोरोना वार्ड के नोडल पदाधिकारी डॉ एन.के पासवान के मुताबिक फरवरी से अब तक एएनएमसीएच के आइसोलेशन वार्ड में कुल 36 संदिग्ध मरीजों को भर्ती किया गया, जिसमें से कुल 23 की रिपोर्ट आरएमआरआई से मिल गई है। ये सभी रिपोर्ट निगेटिव आई हैं। दो संदिग्ध मरीज अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती हैं जिनकी जांच रिपोर्ट आरएमआरआई से आनी बाकी है। एहतिहात के तौर पर इन सभी को स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी की गई गाइडलाइन की पालना करने की हिदायत दी जा रही है।
12 स्वास्थ्यकर्मी क्वारंटाइन
कोरोना के एक संदिग्ध मरीज की मौत के बाद अस्पताल में कार्यरत कुल 12 स्वास्थ्यकर्मियों को होम क्वारंटाइन किया गया है। इनमें एक वरिष्ठ चिकित्सक, दो कनिष्ठ चिकित्सक, तीन इंटर्न और चार नर्स शामिल हैं। संदिग्ध मरीज का इलाज कई दिनों से चल रहा था। उसे कई तरह की बीमारी थी। मृत्यु के बाद उसका सैम्पल जांच के लिए भेजा गया, जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। इसके अलावा अन्य प्रदेशों से आए ३३ के लोगों के सैम्पल भी लिए गए हैं। इनकी रिपोर्ट आना शेष है।
आपात इंतजाम
आपातकालीन स्थिति के लिए अस्पताल प्रशासन ने अलग से इंतजाम किए हैं। इसके लिए १०० बैड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। कोरोना को फैलने से रोकने के लिए सभी तरह की ओपीडी सेवाएं स्थगित कर दी गई हैं। केवल गंभीर किस्म के रोगियों का उपचार किया जा रहा है। इससे इमरजेंसी में मरीजों का दवाब बढ़ गया है।
Published on:
26 Mar 2020 04:36 pm
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