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बिजनेस की मार्केटिंग अच्छी होती हो तो होती है खूब तरक्की: अमन

किसी भी व्यापार को बनाने और बिगाड़ने का खेल मार्केटिंग से जुड़ा है। बिजनेस की मार्केटिंग अच्छी होती हो तो बिजनेस तरक्की करता है।

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बिजनेस की मार्केटिंग अच्छी होती हो तो होती है खूब तरक्की: अमन

बिजनेस की मार्केटिंग अच्छी होती हो तो होती है खूब तरक्की: अमन

किसी भी बिजनेस के लिए उचित मार्केटिंग जरूरी होती है। इसलिए ब्रांड्स मार्केटिंग के लिए एक्सपर्ट्स और उनकी प्रगतिशील विचारों पर भरोसा करते हैं। अमन झोडे जानेमाने मार्केटर्स में से एक है। जिन्होंने बिजनेस स्टूडैंटस को मार्केटिंग से जुड़ी वो बातें बताई जो एक व्यापार को ऊंचाई पर पहुंचाने में सहायक होती हैं। उन्होंने अपने बारे में भी बताया कि कैसे वो आज एक सफल मार्केटर्स बने हैं।

अमन मार्केटिंग कंपनी मायमीडियामैट के संस्थापक भी हैं। उन्होंने अपनी अत्याधुनिक मार्केटिंग तकनीकों के माध्यम से अपना नाम बनाया है। उन्होंने मामा अर्थ, वाव, और बेयर्डो जैसे ब्रांडस के साथ काम किया है। इसी के साथ उन्होंने कश्मीर फ़ाइल्स, भूल भुलैया 2, फॉरेंसिक, और रनवे 34 जैसी ब्लाकबस्टर फ़िल्मों के लिए भी मार्केटिंग का कार्यभार संभाला है।

उन्होंने कहा कि अपने काम में हर छोटी से छोटी चीज़ पर ध्यान देना चाहिए। भेड़चाल में चलने की जगह, “आउट ऑफ़ द बॉक्स थिंकिंग” पर भरोसा करना चाहिए। जैसा कि अमन करते हैं। वह अपने नियम बनाते हैं और अपने इनोवेटिव आइडियाज़ से सबको प्रभावित कर लेते हैं। उनकी इस, कुछ अलग कर दिखाने की चाह ने उन्हें मार्केटिंग की दुनिया की ऊंचाइयों पर पहुँचाया है।

24 वर्षीय अमन झोडे नागपुर में पैदा हुए और वहीं पर उन्होंने अपने करियर की शुरूआत भी की। बचपन से ही उनका दृढ़ निश्चयी व्यक्तिव उनके काम और बातों में झलकता आया है। अमन की सफलता में उनकी माँ की काफ़ी बड़ी भूमिका है। उनकी माँ ने हमेशा उन्हें प्रोत्साहित किया है और अमन के लिए एक प्रेरणा का महत्वपूर्ण स्रोत रहीं हैं। अमन का छात्र जीवन कठिनायों भरा था, पर इन्ही कठिनायों ने अमन के दिल में आशा की किरण को मज़बूत बनाया।

उन्होंने कहा कि दृढ़ निश्चय और अटलता की ताक़त से जीवन की हर समस्याओं को हराया जा सकता है। उनका कहना है कि, “ज़िंदगी में कई ऐसे मोड़ आते हैं जो हमे हार मानने पे मजबूर करते हैं। निराश हो कर कई बार हम अपने हाथ खड़े कर देते हैं और अपने मुक़ाम पर पहुँचने से पहले ही हम अपनी राह से हट जाते हैं।

यह समझना ज़रूरी है कि कठिन परिस्थितियाँ हमारी परीक्षा लेती हैं, और आगे सफलता की ओर उन्हीं लोगो को बढ़ने देती है जो कठिनाइयों के आगे सर नहीं झुकाते हैं। सफलता तब ही प्राप्त होती है जब हम हर परिस्थिति में अपना संतुलन बनाए रखते हैं और हर परिस्थति का निडरता से सामना करते हैं।”