गाजियाबाद, वैभव शर्मा। उत्तर प्रदेश में काबिज समाजवादी पार्टी की सरकार में कानून व्यवस्था बिगड़ गई है। जमीनों पर कब्जे के मामले में भी बढ़ोत्तरी हुई है। ऐसा कहना है बसपा के विधानसभा मुरादनगर प्रत्याशी सुधन रावत का। पत्रिका के साथ विशेष बातचीत में रावत ने साफ किया कि किसी भी पार्टी के आलाकमान के द्वारा टिकट के लिए रुपए नहीं मांगे जाते हैं। कार्यकर्ता स्वेच्छा से ही पार्टी की मदद करता हैं।
सपा के लिए किया था ईमानदारी के साथ काम
साईकिल को छोड़कर हाथी की सवारी करने वाले सुधन रावत के मुताबिक उन्होंने सपा के साथ रहने पर पूरी ईमानदारी के साथ काम किया। पार्टी ने निष्कासित कर दिया तो फिर वो आजाद थे। समर्थकों के कहने और बसपा की नीतियों से प्रभावित होकर पार्टी को ज्वाइंन किया।
स्पष्ट आंकलन न होने से मिली सपा को असफलताविधानसभा, लोकसभा और मेयर के चुनाव में सपा की हार हुई क्योंकि पार्टी की तरफ से सही आंकलन नहीं हो पाया। पूर्व सपा नेता और वर्तमान में बसपा विधानसभा प्रत्याशी के मुताबिक पहले पार्टी ने मेयर चुनाव में सिंबल नहीं दिया। इसके अलावा बाकि दो चुनावों में लोग जाति के आधार पर बंट गए।

दयाशंकर के परिवार को नहीं किया अपमानितभाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रहे दयाशंकर द्वारा बसपा सुप्रीमों के लिए की गई टिप्पणी के मामले में सुधन रावत का कहना है कि पार्टी के कार्यकर्ता दयाशंकर के शब्दों से नाराज थे। लोगों ने परिवार का विरोध नहीं किया। बहन-बेटी सभी की है। सबका सम्मान होना चाहिए। बहन मायावती ने परिवार को अपमानित करने के लिए कभी नहीं कहा।
किसान, एजुकेशनल हब के डेवलपमेंट पर रहेगा फोकस2017 के विधानसभा चुनाव को लेकर सुधन रावत का कहना है कि वो अपने क्षेत्र में किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए काम करेंगे। यहां बड़ी तादाद में मिल से किसानों का भुगतान नहीं होता। इसकी वजह से किसान परेशान होता है। बसपा कार्यकाल में जिन मिल मालिकों ने भुगतान नहीं किया उन्हें सलाखों में डाल दिया गया। इसके अलावा मुरादनगर क्षेत्र को बेहतर एजुकेशनल हब के तौर पर स्थापित किया जाएगा।